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सूरह 5 · आयत 64

Al-Maaida 5:64

المائدة

وَقَالَتِ ٱلْيَهُودُ يَدُ ٱللَّهِ مَغْلُولَةٌ ۚ غُلَّتْ أَيْدِيهِمْ وَلُعِنُوا۟ بِمَا قَالُوا۟ ۘ بَلْ يَدَاهُ مَبْسُوطَتَانِ يُنفِقُ كَيْفَ يَشَآءُ ۚ وَلَيَزِيدَنَّ كَثِيرًا مِّنْهُم مَّآ أُنزِلَ إِلَيْكَ مِن رَّبِّكَ طُغْيَـٰنًا وَكُفْرًا ۚ وَأَلْقَيْنَا بَيْنَهُمُ ٱلْعَدَٰوَةَ وَٱلْبَغْضَآءَ إِلَىٰ يَوْمِ ٱلْقِيَـٰمَةِ ۚ كُلَّمَآ أَوْقَدُوا۟ نَارًا لِّلْحَرْبِ أَطْفَأَهَا ٱللَّهُ ۚ وَيَسْعَوْنَ فِى ٱلْأَرْضِ فَسَادًا ۚ وَٱللَّهُ لَا يُحِبُّ ٱلْمُفْسِدِينَ

मतलब

तथा यहूदियों ने कहा कि अल्लाह का हाथ बँधा[38] हुआ है। उनके हाथ बाँधे गए और उनपर ला'नत की गई, उसके कारण जो उन्होंने कहा। बल्कि उसके दोनों हाथ खुले हुए हैं। वह जैसे चाहता है, खर्च करता है। और निश्चय जो कुछ (ऐ रसूल!) आपकी ओर आपके पालनहार की तरफ़ से उतारा गया है, वह उनमें से बहुत-से लोगों को सरकशी (उद्दंडता) और कुफ़्र में अवश्य बढ़ा देगा। तथा हमने उनके बीच क़ियामत के दिन तक शत्रुता और द्वेष डाल दिया। जब कभी वे लड़ाई की कोई आग भड़काते हैं, अल्लाह उसे बुझा[39] देता है। तथा वे धरती में उपद्रव का प्रयास करते रहते हैं और अल्लाह उपद्रव करने वालों से प्रेम नहीं करता।

[38] अरबी मुह़ावरे में हाथ बँधे का अर्थ है कंजूस होना, और दान करने से हाथ रोकना। (देखिए : सूरत आल-इमरान, आयत : 181)
[39] अर्थात उनके षड्यंत्र को सफल नहीं होने देता, बल्कि उनका कुफल उन्हीं को भोगना पड़ता है। जैसा कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के समय में विभिन्न दशाओं में हुआ।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

जब यहूदी कठिनाई और अकाल से पीड़ित हुए, तो कहने लगे : अल्लाह का हाथ दान करने तथा प्रदान करने से रुका हुआ है, उसके पास जो कुछ है उसे हमसे रोक रखा है। सुन लो, उनके हाथ भलाई करने और दान करने से बाँध दिए गए, और वे अपने इस कथन के कारण अल्लाह की दया से वंचित कर दिए गए। बल्कि अल्लाह सर्वशक्तिमान के दोनों हाथ भलाई और दान के साथ खुले हुए हैं, वह जैसे चाहता है, खर्च करता है। कभी विस्तार करता और कभी तंगी करता है। न कोई उसे रोकने वाला है, न कोई मजबूर करने वाला। और (ऐ रसूल!) आपकी ओर जो उतारा गया है, वह यहूदियों को सीमा के उल्लंघन और इनकार ही में बढ़ाता है; क्योंकि उनके दिल ईर्ष्या से भरे हुए हैं। तथा हमने यहूदियों के संप्रदायों के बीच शत्रुता और द्वेष डाल दिया। जब भी वे युद्ध के लिए इकट्ठे होते हैं और उसकी तैयारी करते हैं या उसे भड़काने की साज़िश रचते हैं, तो अल्लाह उन्हें तितर-बितर कर देता है और उनकी शक्ति छीन लेता है। तथा वे निरंतर ऐसा कार्य करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे धरती पर उपद्रव हो, जैसे कि इस्लाम को खत्म करने और उसके विरुद्ध साज़िश रचने का प्रयास। और अल्लाह उपद्रव करने वालों से प्रेम नहीं करता।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Maaida

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net