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सूरह 5 · आयत 45

Al-Maaida 5:45

المائدة

وَكَتَبْنَا عَلَيْهِمْ فِيهَآ أَنَّ ٱلنَّفْسَ بِٱلنَّفْسِ وَٱلْعَيْنَ بِٱلْعَيْنِ وَٱلْأَنفَ بِٱلْأَنفِ وَٱلْأُذُنَ بِٱلْأُذُنِ وَٱلسِّنَّ بِٱلسِّنِّ وَٱلْجُرُوحَ قِصَاصٌ ۚ فَمَن تَصَدَّقَ بِهِۦ فَهُوَ كَفَّارَةٌ لَّهُۥ ۚ وَمَن لَّمْ يَحْكُم بِمَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ فَأُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلظَّـٰلِمُونَ

मतलब

और हमने उस (तौरात) में उन (यहूदियों) पर लिख दिया कि प्राण के बदले प्राण है और आँख के बदले आँख, नाक के बदले नाक, कान के बदले कान, दाँत के बदले दाँत[32] तथा सभी घावों में बराबर बदला है। फिर जो इस (बदला) को दान (माफ़) कर दे, तो वह उसके (पापों के) लिए प्रायश्चित है। तथा जो उसके अनुसार फ़ैसला न करे जो अल्लाह ने उतारा है, तो वही लोग अत्याचारी हैं।

[32] इस्लाम में भी यही नियम है और नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने दाँत तोड़ने पर यही निर्णय दिया था। (सह़ीह़ बुखारी : 4611)

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

हमने तौरात में यहूदियों पर अनिवार्य कर दिया कि जो कोई जान-बूझकर किसी आत्मा को बिना हक़ के क़त्ल करेगा, तो वह उसके बदले में क़त्ल कर दिया जाएगा, और जो कोई जान-बूझकर आँख निकालेगा, उसकी आँख निकाल दी जाएगी, और जो कोई जान-बूझकर नाक काटेगा, उसकी नाक काट दी जाएगी, और जो कोई जान-बूझकर कान काटेगा, उसका कान काट दिया जाएगा, और जो कोई जान-बूझकर दाँत निकालेगा, उसका दाँत निकाल निकाल दिया जाएगा। और हमने उनपर यह भी अनिवार्य कर दिया कि घावों के मामले में अपराधी को उसके अपराध के समान ही दंडित किया जाएगा। तथा जो कोई भी स्वेच्छा से अपराधी को क्षमा कर दे, तो उसकी क्षमा उसके पापों का प्रायश्चित है; क्योंकि उसने उस व्यक्ति को क्षमा कर दिया, जिसने उसपर अत्याचार किया है। और जो उसके अनुसार फ़ैसला न करे जौ अल्लाह ने 'क़िसास' के बारे में तथा उसके अलावा चीज़ों के बारे में उतारा है, तो वह अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन करने वाला है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Maaida

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net