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सूरह 5 · आयत 104

Al-Maaida 5:104

المائدة

وَإِذَا قِيلَ لَهُمْ تَعَالَوْا۟ إِلَىٰ مَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ وَإِلَى ٱلرَّسُولِ قَالُوا۟ حَسْبُنَا مَا وَجَدْنَا عَلَيْهِ ءَابَآءَنَآ ۚ أَوَلَوْ كَانَ ءَابَآؤُهُمْ لَا يَعْلَمُونَ شَيْـًٔا وَلَا يَهْتَدُونَ

मतलब

और जब उनसे कहा जाता है : आओ उसकी ओर जो अल्लाह ने उतारा है और रसूल की ओर, तो कहते हैं : हमें वही काफ़ी है, जिसपर हमने अपने बाप-दादा को पाया है। क्या अगरचे उनके बाप-दादा कुछ भी न जानते हों और न मार्गदर्शन पाते हों।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

जब अल्लाह पर कुछ चौपायों को हराम ठहराने का झूठा आरोप लगाने वाले इन लोगों से कहा जाता है : अल्लाह के उतारे हुए क़ुरआन की ओर आओ, तथा रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सुन्नत की ओर आओ, ताकि तुम हलाल और हराम को पहचान सको, तो वे कहते हैं : हमने जिन विश्वासों, कथनों और कार्यों को अपने पूर्वजों से लिया है और हमें विरासत में मिला है, वही हमारे लिए काफ़ी हैं। उनके लिए यह कैसे काफ़ी है जबकि उनके पूर्वज कुछ नहीं जानते थे, और न तो उन्हें सत्य का मार्गदर्शन प्राप्त था?! इसलिए उनका अनुसरण वही करेगा, जो उनसे अधिक अज्ञानी और उनसे अधिक मार्ग से भटका हुआ होगा। अतः वे अज्ञानी और पथभ्रष्ट हैं।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Maaida

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net