Al-Hujuraat 49:7
الحجراتوَٱعْلَمُوٓا۟ أَنَّ فِيكُمْ رَسُولَ ٱللَّهِ ۚ لَوْ يُطِيعُكُمْ فِى كَثِيرٍ مِّنَ ٱلْأَمْرِ لَعَنِتُّمْ وَلَـٰكِنَّ ٱللَّهَ حَبَّبَ إِلَيْكُمُ ٱلْإِيمَـٰنَ وَزَيَّنَهُۥ فِى قُلُوبِكُمْ وَكَرَّهَ إِلَيْكُمُ ٱلْكُفْرَ وَٱلْفُسُوقَ وَٱلْعِصْيَانَ ۚ أُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلرَّٰشِدُونَ
तथा जान लो कि तुम्हारे बीच अल्लाह के रसूल मौजूद हैं। यदि वह बहुत-से विषयों में तुम्हारी बात मान लें, तो तुम कठिनाई में पड़ जाओ। परंतु अल्लाह ने तुम्हारे लिए ईमान को प्रिय बना दिया और उसे तुम्हारे दिलों में सुशोभित कर दिया तथा तुम्हारे लिए कुफ़्र और पाप और अवज्ञा को अप्रिय बना दिया, यही लोग हिदायत पर चलने वाले हैं।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
और (ऐ ईमान वालों!) जान लो कि तुम्हारे बीच अल्लाह के रसूल मौजूद हैं जिनपर वह़्य (प्रकाशना) उतरती है। इसलिए झूठ बोलने से सावधान रहो। क्योंकि अल्लाह उनपर वह़्य उतारकर उन्हें तुम्हारे झूठ के बारे में बता देगा। वह उसे अधिक जानते हैं जिसमें तुम्हारा हित है। अगर वह तुम्हारे बहुत-से सुझावों में तुम्हारी बात मान लें, तो तुम कठिनाई में पड़ जाओगे, जो वह तुम्हारे लिए पसंद नहीं करता है। लेकिन अल्लाह ने अपने अनुग्रह से तुम्हारे लिए ईमान को प्रिय कर दिया और उसे तुम्हारे दिलों में सुंदर बना दिया है, इसलिए तुम ईमान ले आए तथा उसने कुफ़्र, अवज्ञा और पाप को तुम्हारे लिए घिनौना बना दिया। ये लोग जो इन गुणों से सुसज्जित हैं वही हिदायत और भलाई के रास्ते पर चलने वाले हैं।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net