Az-Zukhruf 43:57
الزخرفوَلَمَّا ضُرِبَ ٱبْنُ مَرْيَمَ مَثَلًا إِذَا قَوْمُكَ مِنْهُ يَصِدُّونَ
तथा जब मरयम के पुत्र का उदाहरण[17] दिया गया, तो सहसा आपकी जाति उसपर शोर मचाने लगी।
[17] आयत संख्या 45 में कहा है कि पहले नबियों की शिक्षा पढ़कर देखो कि क्या किसी ने यह आदेश दिया है कि अल्लाह अत्यंत कृपाशील के सिवा दूसरों की इबादत की जाए? इसपर मुश्रिकों ने कहा कि ईसा (अलैहिस्सलाम) की इबादत क्यों की जाती है? क्या हमारे पूज्य उनसे कम हैं?
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
जब मुश्रिकों ने यह समझा कि ईसा अलैहिस्सलाम, जिनकी ईसाई पूजा करते हैं, अल्लाह के फरमान : (إِنَّكُمْ وَمَا تَعْبُدُونَ مِنْ دُونِ اللَّهِ حَصَبُ جَهَنَّمَ أَنْتُمْ لَهَا وَارِدُونَ) ''निःसंदेह तुम और जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पूजते हो, सब नरक का ईंधन बनेंगे, तुम उसमें प्रवेश करने वाले हो।'' (सूरतुल अंबिया : 98) में दाखिल हैं, तथा अल्लाह ने ईसा अलैहिस्सलाम की पूजा करने से वैसे ही रोका है, जैसे मूर्तियों की पूजा से रोका है, तो अचानक (ऐ रसूल!) आपकी जाति के लोग खुशी से शोर मचाने लगे और कहने लगे : हम इस बात से संतुष्ट हैं कि हमारे देवता ईसा (अलैहिस्सलाम) की तरह हैं। इसपर अल्लाह ने उनके जवाब में यह आयत उतारी : (إِنَّ الَّذِينَ سَبَقَتْ لَهُمْ مِنَّا الْحُسْنَى أُولَئِكَ عَنْهَا مُبْعَدُونَ) ''निःसंदेह जिनके के लिए हमारी ओर से पहले भलाई निर्धारित हो चुकी है, वे उस (नरक) से दूर रखे जाएँगे।'' (सूरतुल अंबिया : 101).
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net