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सूरह 4 · आयत 82

An-Nisaa 4:82

النساء

أَفَلَا يَتَدَبَّرُونَ ٱلْقُرْءَانَ ۚ وَلَوْ كَانَ مِنْ عِندِ غَيْرِ ٱللَّهِ لَوَجَدُوا۟ فِيهِ ٱخْتِلَـٰفًا كَثِيرًا

मतलब

तो क्या वे क़ुरआन पर चिंतन मनन नहीं करते? यदि वह अल्लाह के सिवा किसी और की ओर से होता, तो वे उसमें बहुत-सा अंतर्विरोध (असंगति) पाते।[57]

[57] अर्थात जो व्यक्ति क़ुरआन पर चिंतन करेगा, उसपर यह तथ्य खुल जाएगा कि क़ुरआन अल्लाह की वाणी है।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

ये लोग क़ुरआन पर मनन चिंतन और उसका गहन अध्ययन क्यों नहीं करते, ताकि उनके लिए यह साबित हो जाए उसमें कोई अंतर (असंगति) या गड़बड़ी नहीं है?! और ताकि उन्हें आपके लाए हुए धर्म की सच्चाई पर विश्वास हो जाए। यदि यह (क़ुरआन) अल्लाह सर्वशक्तिमान के अलावा किसी अन्य की ओर से होता, तो वे उसके प्रावधानों में गड़बड़ी और उसके अर्थों में बहुत अंतर (असंगित) पाते।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

An-Nisaa

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net