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सूरह 4 · आयत 42

An-Nisaa 4:42

النساء

يَوْمَئِذٍ يَوَدُّ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ وَعَصَوُا۟ ٱلرَّسُولَ لَوْ تُسَوَّىٰ بِهِمُ ٱلْأَرْضُ وَلَا يَكْتُمُونَ ٱللَّهَ حَدِيثًا

मतलब

उस दिन, काफ़िर तथा रसूल की अवज्ञा करने वाले यह कामना करेंगे कि काश! उनके सहित धरती बराबर[34] कर दी जाती! और वे अल्लाह से कोई बात छिपा नहीं सकेंगे।

[34] अर्थात भूमि में धँस जाएँ और उनके ऊपर से भूमि बराबर हो जाए, या वे मिट्टी हो जाएँ।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

उस महान दिन में, अल्लाह का इनकार करने वाले और उसके रसूल की बात पर न चलने वाले इच्छा करेंगे कि काश वे मिट्टी हो गए होते, तो वे और धरती एक जैसे हो जाते। उस दिन वे अल्लाह से अपना कोई कर्म छिपा नहीं सकेंगे। क्योंकि अल्लाह उनकी ज़बानों पर मुहर लगा देगा, इसलिए वे बोल नहीं सकेंगी और उनके शरीर के अंगों को को अनुमति देगा तो वे उनके बुरे कामों की गवाही देंगे।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

An-Nisaa

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net