सीधे कंटेंट पर जाएँ
सूरह 4 · आयत 39

An-Nisaa 4:39

النساء

وَمَاذَا عَلَيْهِمْ لَوْ ءَامَنُوا۟ بِٱللَّهِ وَٱلْيَوْمِ ٱلْـَٔاخِرِ وَأَنفَقُوا۟ مِمَّا رَزَقَهُمُ ٱللَّهُ ۚ وَكَانَ ٱللَّهُ بِهِمْ عَلِيمًا

मतलब

और उनका क्या बिगड़ जाता, यदि वे अल्लाह तथा अन्तिम दिन पर ईमान रखते और अल्लाह ने उन्हें जो कुछ दिया है, उसमें से खर्च करते? और अल्लाह उन्हें भली-भाँति जानता है।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

इन लोगों का क्या नुक़सान होता, यदि वे वास्तव में अल्लाह पर और क़ियामत के दिन पर ईमान ले आते और जो कुछ अल्लाह ने उन्हें प्रदान किया है उसमें से उन रास्तों में खर्च करते जिनसे वह प्यार करता है और प्रसन्न होता है?! बल्कि उसमें भलाई ही भलाई है। और अल्लाह अन्हें भली-भाँति जानने वाला है, उनकी स्थिति उससे छिपी नहीं है और वह हर एक को उसके कार्य का बदला देगा।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

An-Nisaa

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net