An-Nisaa 4:162
النساءلَّـٰكِنِ ٱلرَّٰسِخُونَ فِى ٱلْعِلْمِ مِنْهُمْ وَٱلْمُؤْمِنُونَ يُؤْمِنُونَ بِمَآ أُنزِلَ إِلَيْكَ وَمَآ أُنزِلَ مِن قَبْلِكَ ۚ وَٱلْمُقِيمِينَ ٱلصَّلَوٰةَ ۚ وَٱلْمُؤْتُونَ ٱلزَّكَوٰةَ وَٱلْمُؤْمِنُونَ بِٱللَّهِ وَٱلْيَوْمِ ٱلْـَٔاخِرِ أُو۟لَـٰٓئِكَ سَنُؤْتِيهِمْ أَجْرًا عَظِيمًا
परंतु उन (यहूदियों) में से जो लोग ज्ञान में पक्के हैं और जो ईमान वाले हैं, वे उस (क़ुरआन) पर ईमान लाते हैं जो आपपर उतारा गया और जो आपसे पहले उतारा गया, और जो विशेषकर नमाज़ क़ायम करने वाले हैं, और जो ज़कात देने वाले और अल्लाह तथा अंतिम दिन पर ईमान लाने वाले हैं। ये लोग हैं जिन्हें हम बहुत बड़ा प्रतिफल प्रदान करेंगे।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
परंतु यहूदियों में से ठोस ज्ञान रखने वाले तथा ईमान लाने वाले लोग, उस क़ुरआन को सच्चा मानते हैं, जो अल्लाह ने (ऐ रसूल!) आपपर उतारा है, तथा वे उन किताबों को भी सत्य मानते हैं, जो आपसे पहले के रसूलों पर उतारी गई थीं, जैसे तौरात और इंजील, और वे नमाज़ क़ायम करते और अपने धन की ज़कात देते हैं, तथा इस बात पर विश्वास रखते हैं कि अल्लाह ही अकेला पूज्य है, जिसका कोई साझी नहीं, और क़ियामत के दिन को सत्य मानते हैं; ये लोग जिनके पास ये गुण हैं हम उन्हें बहुत बड़ा बदला प्रदान करेंगे।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net