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सूरह 4 · आयत 141

An-Nisaa 4:141

النساء

ٱلَّذِينَ يَتَرَبَّصُونَ بِكُمْ فَإِن كَانَ لَكُمْ فَتْحٌ مِّنَ ٱللَّهِ قَالُوٓا۟ أَلَمْ نَكُن مَّعَكُمْ وَإِن كَانَ لِلْكَـٰفِرِينَ نَصِيبٌ قَالُوٓا۟ أَلَمْ نَسْتَحْوِذْ عَلَيْكُمْ وَنَمْنَعْكُم مِّنَ ٱلْمُؤْمِنِينَ ۚ فَٱللَّهُ يَحْكُمُ بَيْنَكُمْ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ وَلَن يَجْعَلَ ٱللَّهُ لِلْكَـٰفِرِينَ عَلَى ٱلْمُؤْمِنِينَ سَبِيلًا

मतलब

जो तुम्हारी (अच्छी या बुरी स्थिति की) प्रतीक्षा में रहते हैं; यदि अल्लाह की ओर से तुम्हें विजय प्राप्त हो, तो वे कहते हैं : क्या हम तुम्हारे साथ न थे? और यदि काफ़िरों को कोई भाग प्राप्त हो, तो (उनसे) कहते हैं : क्या हम तुम्हारी मदद के लिए खड़े नहीं हुए थे और तुम्हें ईमान वालों से बचाया नहीं था? अतः अल्लाह क़ियामत के दिन तुम्हारे बीच निर्णय करेगा और अल्लाह काफ़िरों के लिए ईमान वालों पर हरगिज़ कोई रास्ता नहीं बनाएगा।[92]

[92] अर्थात मुनाफ़िक़, काफ़िरों की कितनी ही सहायता करें, उनकी ईमान वालों पर स्थायी विजय नहीं होगी। यहाँ से मुनाफ़िक़ों के आचरण और स्वभाव की चर्चा की जा रही है।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

जो तुम्हें पहुँचने वाली अच्छाई या बुराई की प्रतीक्षा में रहते हैं। यदि अल्लाह की ओर से तुम्हें विजय प्राप्त होता है और तुम्हें ग़नीमत का धन मिलता है, तो वे तुमसे कहते हैं : क्या हम तुम्हारे साथ नहीं थे, जिस युद्ध में तुम उपस्थित हुए हम भी उपस्थित हुए?! ताकि वे ग़नीमत से हिस्सा पा सकें। और यदि काफ़िरों को कुछ हिस्सा मिल जाए, तो उनसे कहते हैं : क्या हमने तुम्हारे मामलों का ध्यान नहीं रखा, तुम्हारी देखभाल और समर्थन नहीं किया, तथा तुम्हारी मदद करके और उनका अत्साह भंग करके, मोमिनों से तुम्हारा बचाव नहीं किया?! अतः अल्लाह तुम सब के बीच क़ियामत के दिन निर्णय कर देगा। चुनाँचे मोमिनों को जन्नत में दाख़िल करेगा और मुनाफिक़ों को जहन्नम के सबसे निचले क्षेत्र में दाख़िल करेगा। तथा अल्लाह, अपनी कृपा से, क़ियामत के दिन काफ़िरों को मोमिनों के ख़िलाफ तर्क (हुज्जत) प्रदान नहीं करेगा, बल्कि वह अंतिम परिणाम ईमान वालों ही का बनाएगा जब तक वे सच्चे ईमान वाले, शरीयत के अनुसार कार्य करने वाले होंगे।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

An-Nisaa

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net