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सूरह 37 · आयत 170

As-Saaffaat 37:170

الصافات

فَكَفَرُوا۟ بِهِۦ ۖ فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ

मतलब

(फिर जब किताब आ गई) तो उन्होंने उसका इनकार कर दिया। अतः जल्द ही उन्हें पता चल जाएगा।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

167-170 - मक्का के मुश्रिक मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के नबी बनाए जाने से पहले कहा करते थे : अगर हमारे पास पहले लोगों की किताबों, उदाहरण के तौर पर तौरात, जैसी कोई किताब होती; तो हम अल्लाह ही के लिए इबादत को ख़ालिस करते। जबकि वे इस बारे में झूठे हैं। क्योंकि उनके पास मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम क़ुरआन लेकर आए, परंतु उन्होंने उसका इनकार कर दिया। अतः शीघ्र ही वे उस गंभीर यातना को जान लेंगे जो क़ियामत के दिन उनकी प्रतीक्षा कर रही है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

As-Saaffaat

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net