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सूरह 33 · आयत 66

Al-Ahzaab 33:66

الأحزاب

يَوْمَ تُقَلَّبُ وُجُوهُهُمْ فِى ٱلنَّارِ يَقُولُونَ يَـٰلَيْتَنَآ أَطَعْنَا ٱللَّهَ وَأَطَعْنَا ٱلرَّسُولَا۠

मतलब

जिस दिन उनके चेहरे आग में उलटे-पलटे जाएँगे, तो वे कहेंगे : ऐ काश, हमने अल्लाह का आज्ञापालन किया होता और हमने रसूल का आज्ञापालन किया होता।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

क़ियामत के दिन उनके चेहरे जहन्नम की आग में उलटे-पलटे जाएँगे। वे अफ़सोस और पछतावा की तीव्रता से कहेंगे : ऐ काश! हमने अपने दुनिया के जीवन में अल्लाह का आज्ञापालन किया होता उस चीज़ का पालन करके जिसका उसने हमें आदेश दिया था और उस चीज़ से बचकर जिससे उसने हमें रोका था। तथा हमने उस चीज़ में रसूल का आज्ञापालन किया होता जो कुछ वह अपने पालनहार की ओर ओर से लाए थे।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Ahzaab

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net