Al-Ahzaab 33:35
الأحزابإِنَّ ٱلْمُسْلِمِينَ وَٱلْمُسْلِمَـٰتِ وَٱلْمُؤْمِنِينَ وَٱلْمُؤْمِنَـٰتِ وَٱلْقَـٰنِتِينَ وَٱلْقَـٰنِتَـٰتِ وَٱلصَّـٰدِقِينَ وَٱلصَّـٰدِقَـٰتِ وَٱلصَّـٰبِرِينَ وَٱلصَّـٰبِرَٰتِ وَٱلْخَـٰشِعِينَ وَٱلْخَـٰشِعَـٰتِ وَٱلْمُتَصَدِّقِينَ وَٱلْمُتَصَدِّقَـٰتِ وَٱلصَّـٰٓئِمِينَ وَٱلصَّـٰٓئِمَـٰتِ وَٱلْحَـٰفِظِينَ فُرُوجَهُمْ وَٱلْحَـٰفِظَـٰتِ وَٱلذَّٰكِرِينَ ٱللَّهَ كَثِيرًا وَٱلذَّٰكِرَٰتِ أَعَدَّ ٱللَّهُ لَهُم مَّغْفِرَةً وَأَجْرًا عَظِيمًا
निःसंदेह मुसलमान पुरुष और मुसलमान स्त्रियाँ, ईमान वाले पुरुष और ईमान वाली स्त्रियाँ, आज्ञाकारी पुरुष और आज्ञाकारिणी स्त्रियाँ, सच्चे पुरुष और सच्ची स्त्रियाँ, धैर्यवान पुरुष और धैर्यवान स्त्रियाँ, विनम्रता दिखाने वाले पुरुष और विनम्रता दिखाने वाली स्त्रियाँ, सदक़ा (दान) देने वाले पुरुष और सदक़ा देने वाली स्त्रियाँ, रोज़ा रखने वाले पुरुष और रोज़ा रखने वाली स्त्रियाँ, अपने गुप्तांगों की रक्षा करने वाले पुरुष और रक्षा करने वाली स्त्रियाँ तथा अल्लाह को अत्यधिक याद करने वाले पुरुष और याद करने वाली स्त्रियाँ, अल्लाह ने इनके लिए क्षमा तथा महान प्रतिफल तैयार कर रखा है।[22]
[22] इस आयत में मुसलमान पुरुष तथा स्त्री को समान अधिकार दिए गए हैं। विशेष रूप से अल्लाह की उपासना में, तथा दोनों का प्रतिफल भी एक बताया गया है, जो इस्लाम धर्म की विशेषताओं में से एक है।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
आज्ञाकारिता के साथ अल्लाह के अधीन होने वाले पुरुष और अधीन होने वाली स्त्रियाँ, अल्लाह को सच्चा मानने वाले पुरुष और सच्चा मानने वाली स्त्रियाँ, अल्लाह का आज्ञापालन करने वाले पुरुष और आज्ञापालन करने वाली स्त्रियाँ, अपने ईमान और कथन में सच्चे पुरुष और सच्ची स्त्रियाँ, आज्ञाकारिता के कामों पर और गुनाहों से दूर रहने में और विपत्ति पर धैर्य से काम लेने वाले पुरुष और धैर्य से काम लेने वाली स्त्रियाँ, अनिवार्य और स्वैच्छिक दान करने वाले पुरुष और दान करने वाली स्त्रियाँ, अल्लाह के लिए अनिवार्य और स्वैच्छिक रोज़ा रखने वाले पुरुष और रोज़ा रखने वाली स्त्रियाँ, अपने गुप्तांगों की रक्षा करने वाले पुरुष और अपने गुप्तांगों की रक्षा करने वाली स्त्रियाँ; उन्हें ऐसे व्यक्ति के सामने प्रकट करने से ढककर, जिसके लिए उन्हें देखना जायज़ नहीं है तथा व्यभिचार के दुष्कर्म और उसकी प्रारंभिक चीज़ों से दूर रहकर, तथा अपने दिलों और अपनी ज़बानों से गुप्त और खुले तौर पर अल्लाह को बहुत अधिक याद करने वाले पुरुष और याद करने वाली स्त्रियाँ - अल्लाह ने उनके लिए अपनी ओर से उनके पापों के लिए क्षमा, तथा क़ियामत के दिन उनके लिए बहुत बड़ा बदला तैयार कर रखा है और वह जन्नत है।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net