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सूरह 33 · आयत 20

Al-Ahzaab 33:20

الأحزاب

يَحْسَبُونَ ٱلْأَحْزَابَ لَمْ يَذْهَبُوا۟ ۖ وَإِن يَأْتِ ٱلْأَحْزَابُ يَوَدُّوا۟ لَوْ أَنَّهُم بَادُونَ فِى ٱلْأَعْرَابِ يَسْـَٔلُونَ عَنْ أَنۢبَآئِكُمْ ۖ وَلَوْ كَانُوا۟ فِيكُم مَّا قَـٰتَلُوٓا۟ إِلَّا قَلِيلًا

मतलब

वे समझते हैं कि सैन्य दल (अभी) नहीं गए[15] हैं। और यदि सेनाएँ (दोबारा) आ जाएँ, तो वे चाहेंगे कि काश! वे देहातियों के साथ देहातों में चले जाते और (वहीं से) तुम्हारे समाचार मालूम करते रहते। और अगर वे तुम्हारे साथ होते भी, तो युद्ध में कम ही भाग लेते।

[15] अर्थात ये मुनाफ़िक़ इतने कायर हैं कि अब भी उन्हें सेनाओं का भय है।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

ये कायर लोग समझते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और ईमान वालों से लड़ाई के लिए एकजुट होने वाली सेनाएँ मुसलमानों का सफ़ाया किए बिना कभी वापस नहीं जाएँगी। और अगर ऐसा हो कि ये सेनाएँ दोबारा आ जाएँ, तो ये मुनाफ़िक़ लोग पसंद करेंगे कि वे देहातियों के साथ मदीना के बाहर निकल जाते, जहाँ से वे तुम्हारी खबर के बारे में पूछते कि : तुम्हारे दुश्मन के तुमसे लड़ने के बाद तुम्हारे साथ क्या हुआ? और अगर वे (ऐ मोमिनो!) तुम्हारे बीच में होते, तो वे तुम्हारे साथ बहुत कम ही लड़ते। इसलिए उनकी परवाह न करो और न ही उनपर अफ़सोस करो।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Ahzaab

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net