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सूरह 30 · आयत 8

Ar-Room 30:8

الروم

أَوَلَمْ يَتَفَكَّرُوا۟ فِىٓ أَنفُسِهِم ۗ مَّا خَلَقَ ٱللَّهُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَآ إِلَّا بِٱلْحَقِّ وَأَجَلٍ مُّسَمًّى ۗ وَإِنَّ كَثِيرًا مِّنَ ٱلنَّاسِ بِلِقَآئِ رَبِّهِمْ لَكَـٰفِرُونَ

मतलब

क्या उन लोगों ने अपने दिलों में विचार नहीं किया कि अल्लाह ने आकाशों और धरती को और उन दोनों के बीच मौजूद सारी चीज़ों[3] को सत्य के साथ और एक निश्चित अवधि के लिए ही पैदा किया है?! और निःसंदेह बहुत-से लोग अपने पालनहार से मिलने का इनकार करते हैं।

[3] संसार की व्यवस्था बता रही है कि यह अकारण नहीं, बल्कि इसका कुछ अभिप्राय है।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

क्या इन झुठलाने वाले मुश्रिकों ने अपने बारे में सोच-विचार नहीं किया कि अल्लाह ने उन्हें कैसे पैदा किया और ठीक-ठाक बनाया? अल्लाह ने आकाशों और धरती को और जो कुछ उनके बीच है सत्य के साथ ही पैदा किया है। उसने उन्हें व्यर्थ पैदा नहीं किया। तथा उनके लिए दुनिया में बने रहने के लिए एक निश्चित समय सीमा निर्धारित की। निश्चित रूप से बहुत-से लोग क़ियामत के दिन अपने रब से मिलने का इनकार करते हैं। इसलिए वे अपने पालनहार के निकट पसंदीदा नेक कार्य करके पुनर्जीवन के लिए तैयारी नहीं करते हैं।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Ar-Room

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net