Aal-i-Imraan 3:77
آل عمرانإِنَّ ٱلَّذِينَ يَشْتَرُونَ بِعَهْدِ ٱللَّهِ وَأَيْمَـٰنِهِمْ ثَمَنًا قَلِيلًا أُو۟لَـٰٓئِكَ لَا خَلَـٰقَ لَهُمْ فِى ٱلْـَٔاخِرَةِ وَلَا يُكَلِّمُهُمُ ٱللَّهُ وَلَا يَنظُرُ إِلَيْهِمْ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ وَلَا يُزَكِّيهِمْ وَلَهُمْ عَذَابٌ أَلِيمٌ
निःसंदेह जो लोग अल्लाह के वचन[39] तथा अपनी क़समों के बदले तनिक मूल्य प्राप्त करते हैं, उनका आख़िरत (परलोक) में कोई हिस्सा नहीं। अल्लाह क़ियामत के दिन न उनसे बात करेगा और न उनकी ओर देखेगा और न उन्हें पवित्र करेगा। तथा उनके लिए दर्दनाक यातना है।
[39] अल्लाह के वचन से अभिप्राय वह वचन है, जो उनसे धर्म पुस्तकों द्वारा लिया गया है।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
जो लोग अल्लाह की, अपनी पुस्तक में उतारी हुई और अपने रसूलों के साथ भेजी हुई शिक्षाओं का पालन करने की वसीयत को तथा अपनी उन क़समों को जो उन्होंने अल्लाह की प्रतिज्ञा को पूरा करने की खाई हैं, बदल देते हैं और उनके बदले थोड़ी मात्रा में सांसारिक वस्तुएँ ले लेते हैं; उनके लिए आख़िरत के सवाब (प्रतिफल) से कोई हिस्सा नहीं। तथा अल्लाह क़ियामत के दिन उनसे ऐसी बात नहीं करेगा जिससे उन्हें प्रसन्नता हो, उनकी ओर दया की दृष्टि से नहीं देखेगा और उन्हें उनके पापों और कुफ़्र की अशुद्धता से पाक नहीं करेगा। तथा उनके लिए दर्दनाक यातना है।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net