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सूरह 3 · आयत 44

Aal-i-Imraan 3:44

آل عمران

ذَٰلِكَ مِنْ أَنۢبَآءِ ٱلْغَيْبِ نُوحِيهِ إِلَيْكَ ۚ وَمَا كُنتَ لَدَيْهِمْ إِذْ يُلْقُونَ أَقْلَـٰمَهُمْ أَيُّهُمْ يَكْفُلُ مَرْيَمَ وَمَا كُنتَ لَدَيْهِمْ إِذْ يَخْتَصِمُونَ

मतलब

(ऐ नबी!) ये ग़ैब (परोक्ष) की कुछ सूचनाएँ हैं, जो हम आपकी ओर वह़्य कर रहे हैं और आप उस समय उनके पास मौजूद न थे, जब वे अपनी क़लमों[20] को फेंक रहे थे कि उनमें से कौन मरयम की किफ़ालत करे और न आप उस समय उनके पास थे, जब वे झगड़ रहे थे।

[20] अर्थात यह निर्णय करने के लिए कि मरयम का संरक्षक कौन हो?

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

ज़करिय्या और मरयम अलैहिमस्सलाम के बारे में उपर्युक्त बातें परोक्ष (ग़ैब) की खबरों में से हैं, जो हम (ऐ रसूल!) आपकी ओर वह़्य करते हैं। और आप उन विद्वानों और नेक लोगों के पास उस समय उपस्थित नहीं थे, जब उन्होंने इस बारे में झगड़ा किया था कि मरयम के पालन-पोषण का अधिक योग्य कौन है, यहाँ तक कि उन्हें क़ुर'आ-अंदाज़ी का सहारा लेना पड़ा। चुनाँचे उन्होंने अपनी क़लमों को डाला, तो ज़करिय्या अलैहिस्सलाम की क़लम जीत गई।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Aal-i-Imraan

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net