Aal-i-Imraan 3:187
آل عمرانوَإِذْ أَخَذَ ٱللَّهُ مِيثَـٰقَ ٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْكِتَـٰبَ لَتُبَيِّنُنَّهُۥ لِلنَّاسِ وَلَا تَكْتُمُونَهُۥ فَنَبَذُوهُ وَرَآءَ ظُهُورِهِمْ وَٱشْتَرَوْا۟ بِهِۦ ثَمَنًا قَلِيلًا ۖ فَبِئْسَ مَا يَشْتَرُونَ
तथा (ऐ नबी! याद करो) जब अल्लाह ने किताब वालों[112] से पक्का वचन लिया था कि तुम अवश्य इसे लोगों के सामने बयान करते रहोगे और इसे छुपाओगे नहीं, तो उन्होंने इस वचन को पीठ पीछे डाल दिया और उसके बदले तनिक मूल्य प्राप्त[113] कर लिया। तो वे कितनी बुरी चीज़ खरीद रहे हैं?
[112] किताब वाले अर्थातः यहूद और नसारा (ईसाई) जिन्हें तौरात और इंजील दिया गया।
[113] अर्थात तुच्छ सांसारिक लाभ के लिए सत्य का सौदा करने लगे।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
और (ऐ नबी!) आप उस समय को याद कीजिए जब अल्लाह ने यहूदियों और ईसाइयों के विद्वानों से पक्का वचन लिया था कि तुम अल्लाह की पुस्तक को लोगों के समक्ष बयान करते रहोगे और उसमें जो मार्गदर्शन, तथा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की नुबुव्वत (ईश्दूतत्व) की निशानियाँ हैं, उन्हें नहीं छिपाओगे। परंतु उन्होंने इस वचन को पीछे डाल दिया और उस पर ध्यान नहीं दिया। चुनाँचे उन्होंने सत्य को छिपाया और असत्य को प्रकट किया। और उन्होंने अल्लाह के वचन के बदले थोड़ा सा मूल्य ले लिया, जैसे प्रतिष्ठा और धन जो उन्हें प्राप्त हो सकता था। तो यह कितना ही बुरा मूल्य है, जो वे अल्लाह के वचन के बदले में ले रहे हैं।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net