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सूरह 3 · आयत 161

Aal-i-Imraan 3:161

آل عمران

وَمَا كَانَ لِنَبِىٍّ أَن يَغُلَّ ۚ وَمَن يَغْلُلْ يَأْتِ بِمَا غَلَّ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ ۚ ثُمَّ تُوَفَّىٰ كُلُّ نَفْسٍ مَّا كَسَبَتْ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ

मतलब

यह किसी नबी के लिए संभव नहीं है कि ग़नीमत के धन में ख़यानत[87] करे, और जो ख़यानत करेगा तो जो उसने ख़यानत की होगी उसके साथ क़ियामत के दिन उपस्थित होगा। फिर प्रत्येक प्राणी को उसके किए का पूरा-पूरा बदला दिया जाएगा और उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।

[87] उह़ुद के दिन जो अपना स्थान छोड़ कर इस विचार से आ गए कि यदि हम न पहुँचे, तो दूसरे लोग ग़नीमत का सब धन ले जाएँगे, उन्हें यह चेतावनी दी जा रही है कि तुमने यह कैसे सोच लिया कि इस धन में से तुम्हारा भाग नहीं मिलेगा, क्या तुम्हें नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की अमानत पर भरोसा नहीं है? सुन लो! नबी से किसी प्रकार की ख़यानत असम्भव है। यह घोर पाप है जो कोई नबी कभी नहीं कर सकता।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

किसी नबी के लिए यह संभव नहीं है कि अल्लाह ने उसके लिए जो कुछ विशिष्ट कर दिया है उसके अलावा ग़नीमत के धन में से कुछ लेकर ख़यानत करे। और तुम में से जो कोई ग़नीमत के धन में से कुछ लेकर ख़यानत करेगा, उसे क़ियामत के दिन अपमानित करके दंडित किया जाएगा। चुनाँचे वह ख़यानत की हुई चीज़ को उठाए हुए सभी लोगों के सामने आएगा। फिर प्रत्येक प्राणी को उसके किए हुए का बिना कमी के पूरा-पूरा बदला दिया जाएगा। तथा उनके बुरे कर्मों को बढ़ाकर, या उनके अच्छे कामों को कम करके उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Aal-i-Imraan

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net