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सूरह 3 · आयत 153

Aal-i-Imraan 3:153

آل عمران

إِذْ تُصْعِدُونَ وَلَا تَلْوُۥنَ عَلَىٰٓ أَحَدٍ وَٱلرَّسُولُ يَدْعُوكُمْ فِىٓ أُخْرَىٰكُمْ فَأَثَـٰبَكُمْ غَمًّۢا بِغَمٍّ لِّكَيْلَا تَحْزَنُوا۟ عَلَىٰ مَا فَاتَكُمْ وَلَا مَآ أَصَـٰبَكُمْ ۗ وَٱللَّهُ خَبِيرٌۢ بِمَا تَعْمَلُونَ

मतलब

(और याद करो) जब तुम चढ़े (भागे) जा रहे थे और किसी को मुड़कर नहीं देख रहे थे और रसूल तुम्हें तुम्हारे पीछे से पुकार[83] रहे थे। अतः इसके बदले में (अल्लाह ने) तुम्हें शोक पर शोक दिया ताकि जो तुम्हारे हाथ से निकल गया और जो मुसीबत तुम्हें पहुँची, उसपर शोकाकुल न हो। तथा अल्लाह उससे सूचित है, जो तुम कर रहे हो।

[83] बरा बिन आज़िब कहते हैं कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उह़ुद के दिन अब्दुल्लाह बिन जुबैर को पैदल सेना पर रखा। और वह पराजित हो कर आ गए, इसी के बारे में यह आयत है। उस समय नबी के साथ बारह व्यक्ति ही रह गए। (सह़ीह़ बुख़ारी : 4561)

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

(ऐ ईमान वालो!) उस समय को याद करो जब उहुद के युद्ध के दिन, रसूल के आदेश का उल्लंघन करने के कारण विफलता का सामना करने पर, तुम पृथ्वी में तेज़ी से भागे जा रहे थे, और तुममें से कोई भी किसी को मुड़कर नहीं देख रहा था। जबकि रसूल तुम्हारे और बहुदेववादियों के बीच खड़े तुम्हारे पीछे से तुम्हें यह कहते हुए बुला रहे थे : अल्लाह के बंदो! मेरी ओर आओ, अल्लाह के बंदो! मेरी ओर आओ। अतः अल्लाह ने इसपर तुम्हें बदले में दर्द और संकट से पीड़ित किया क्योंकि तुम विजय और ग़नीमत के धन से वंचित हो गए, जिसके बाद एक और दर्द और संकट था, क्योंकि तुम्हारे बीच नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की हत्या की ख़बर फैला दी गई। और अल्लाह ने तुम्हें इस आपदा से इसलिए पीड़ित किया, ताकि तुम विजय और ग़नीमत के धन से वंचित होने पर, तथा हत्या और घाव से पीड़ित होने पर दुखी न हो। क्योंकि जब तुम्हें यह पता चल गया कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की हत्या नहीं हुई है, तो तुम्हारे लिए हर मुसीबत और तकलीफ़ आसान हो गई। अल्लाह तुम्हारे कार्यों से अवगत है, तुम्हारे दिलों की स्थितियों तथा तुम्हारे शारीरिक अंगों के कार्यों में से कुछ भी उससे छिपा नहीं है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Aal-i-Imraan

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net