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सूरह 3 · आयत 130

Aal-i-Imraan 3:130

آل عمران

يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لَا تَأْكُلُوا۟ ٱلرِّبَوٰٓا۟ أَضْعَـٰفًا مُّضَـٰعَفَةً ۖ وَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ

मतलब

ऐ ईमान वालो! कई-कई गुणा करके ब्याज[74] न खाओ। तथा अल्लाह से डरो, ताकि तुम सफल हो।

[74] उह़ुद की पराजय का कारण धन का लोभ बना था। इसलिए यहाँ ब्याज से सावधान किया जा रहा है, जो धन के लोभ का अति भयावह साधन है। तथा आज्ञाकारिता की प्रेरणा दी जा रही है। कई-कई गुणा ब्याज न खाने का अर्थ यह नहीं कि इस प्रकार ब्याज न खाओ, बल्कि ब्याज अधिक हो या थोड़ा सर्वथा ह़राम (वर्जित) है। यहाँ जाहिलिय्यत के युग में ब्याज की जो रीति थी, उसका वर्णन किया गया है। जैसा कि आधुनिक युग में ब्याज पर ब्याज लेने की रीति है।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! अपने मूल धन जो तुमने उधार दिए थे, उस पर कई गुणा बढ़ाकर ब्याज लेने से बचो, जैसा कि जाहिलियत (अज्ञानता) काल के लोग किया करते थे। और अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई बातों से बचकर उससे डरो, ताकि तुम दुनिया और आख़िरत की जो भलाई चाहते हो, उसे प्राप्त कर सको।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Aal-i-Imraan

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net