Aal-i-Imraan 3:110
آل عمرانكُنتُمْ خَيْرَ أُمَّةٍ أُخْرِجَتْ لِلنَّاسِ تَأْمُرُونَ بِٱلْمَعْرُوفِ وَتَنْهَوْنَ عَنِ ٱلْمُنكَرِ وَتُؤْمِنُونَ بِٱللَّهِ ۗ وَلَوْ ءَامَنَ أَهْلُ ٱلْكِتَـٰبِ لَكَانَ خَيْرًا لَّهُم ۚ مِّنْهُمُ ٱلْمُؤْمِنُونَ وَأَكْثَرُهُمُ ٱلْفَـٰسِقُونَ
तुम सर्वश्रेष्ठ समुदाय हो, जिसे लोगों के लिए निकाला गया है। तुम भलाई का आदेश देते हो और बुराई से रोकते हो और अल्लाह पर ईमान (विश्वास) रखते[59] हो। और यदि किताब वाले ईमान लाते, तो उनके लिए बेहतर होता। उनमें कुछ ईमान वाले भी हैं, लेकिन उनमें अधिकतर लोग अवज्ञाकारी ही हैं।
[59] इस आयत में मुसलमानों को संबोधित किया गया है, तथा उन्हें उम्मत कहा गया है। किसी जाति अथवा वर्ग और वर्ण के नाम से संबोधित नहीं किया गया है। और इसमें यह संकेत है कि मुसलमान उनका नाम है जो सत्धर्म के अनुयायी हों। तथा उनके अस्तित्व का लक्ष्य यह बताया गया है कि वह संपूर्ण मानव विश्व को सत्धर्म इस्लाम की ओर बुलाएँ, जो सर्व मानव जाति का धर्म है। किसी विशेष जाति, क्षेत्र अथवा देश का धर्म नहीं है।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
(ऐ मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की उम्मत के लोगो!) तुम अपने ईमान एवं कर्म में सबसे अच्छी उम्मत हो, जिसे अल्लाह ने लोगों के लिए प्रकट किया है, और तुम लोगों के लिए सबसे अधिक लाभकारी लोग हो, तुम उस अच्छी बात का आदेश देते हो जो शरीयत से प्रमाणित है और शुद्ध बुद्धि उसे अच्छा समझती है, और उस बुराई से रोकते हो जिससे शरीयत ने रोका है और शुद्ध बुद्धि उसे बुरा समझती है। और तुम अल्लाह पर दृढ़ विश्वास रखते हो, जिसकी तुम्हारे कार्य से पुष्टि होती है। और यदि किताब वाले यहूदी और ईसाई मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर ईमान लाते, तो यह उनके लिए दुनिया एवं आख़़िरत दोनों में बेहतर होता। किताब वालों में से बहुत कम लोग हैं, जो मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की लाई हुई शरीयत पर विश्वास रखते हैं, जबकि उनमें से अधिकांश लोग अल्लाह के धर्म और उसकी शरीयत से बाहर हैं।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net