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सूरह 29 · आयत 14

Al-Ankaboot 29:14

العنكبوت

وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا نُوحًا إِلَىٰ قَوْمِهِۦ فَلَبِثَ فِيهِمْ أَلْفَ سَنَةٍ إِلَّا خَمْسِينَ عَامًا فَأَخَذَهُمُ ٱلطُّوفَانُ وَهُمْ ظَـٰلِمُونَ

मतलब

और निःसंदेह हमने[8] नूह़ को उसकी जाति की ओर भेजा, तो वह उनके बीच पचास वर्ष कम हज़ार वर्ष[9] रहा। फिर उन्हें तूफ़ान ने पकड़ लिया इस स्थिति में कि वे अत्याचारी थे।

[8] यहाँ से कुछ नबियों की चर्चा की जा रही है जिन्होंने धैर्य से काम लिया।
[9] अर्थात नूह़ (अलैहिस्सलाम) (950) वर्ष तक अपनी जाति में धर्म का प्रचार करते रहे।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

हमने नूह अलैहिस्सलाम को उनकी जाति की ओर रसूल बनाकर भेजा, तो वह उनके बीच नौ सौ पचास (950) वर्ष तक रहे और उन्हें अल्लाह की तौहीद (एकेश्वरवाद) की ओर बुलाते रहे। परंतु उन लोगों ने उन्हें झुठला दिया और अपने कुफ़्र पर बने रहे। अतः तूफ़ान (जलप्रलय) ने उन्हें पकड़ लिया, जबकि वे अल्लाह का इनकार करने और उसके रसूलों को झुठलाने के कारण अत्याचारी थे, और वे डूबकर मर गए।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Ankaboot

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net