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सूरह 27 · आयत 80

An-Naml 27:80

النمل

إِنَّكَ لَا تُسْمِعُ ٱلْمَوْتَىٰ وَلَا تُسْمِعُ ٱلصُّمَّ ٱلدُّعَآءَ إِذَا وَلَّوْا۟ مُدْبِرِينَ

मतलब

निःसंदेह आप मुर्दों को नहीं सुना सकते और न बहरों को अपनी पुकार सुना सकते, जब वे पीठ फेरकर पलट जाएँ।[14]

[14] अर्थात जिनकी अंतरात्मा मर चुकी हो, और जिनकी दुराग्रह ने सत्य और असत्य का अंतर समझने की क्षमता खो दी हो।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

(ऐ रसूल!) आप उन मरे हुए लोगों को नहीं सुना सकते, जिनके दिल अल्लाह के इनकार के कारण मर चुके हैं। तथा जिनके कानों को अल्लाह ने सत्य सुनने से बहरा कर दिया है, आप उन्हें (भी) वह बात नहीं सुना सकते, जिसकी ओर आप उन्हें बुला रहे हैं, जबकि वे आपसे मुँह फेरकर पलट जाएँ।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

An-Naml

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net