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सूरह 27 · आयत 65

An-Naml 27:65

النمل

قُل لَّا يَعْلَمُ مَن فِى ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ٱلْغَيْبَ إِلَّا ٱللَّهُ ۚ وَمَا يَشْعُرُونَ أَيَّانَ يُبْعَثُونَ

मतलब

आप कह दें : अल्लाह के सिवा, आकाशों और धरती में जो भी है, ग़ैब (परोक्ष की बात) नहीं जानता और वे नहीं जानते कि वे कब उठाये जाएँगे।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

(ऐ रसूल!) आप कह दें कि आकाशों में मौजूद फ़रिश्ते और धरती में मौजूद इनसान ग़ैब (परोक्ष) को नहीं जानते। बल्कि एकमात्र अल्लाह ही उसे जानता है। तथा अल्लाह के सिवा आकाशों एवं धरती में मौजूद सभी प्राणी यह नहीं जानते कि वे बदले के लिए कब पुनः जीवित किए जाएँगे।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

An-Naml

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net