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सूरह 26 · आयत 173

Ash-Shu'araa 26:173

الشعراء

وَأَمْطَرْنَا عَلَيْهِم مَّطَرًا ۖ فَسَآءَ مَطَرُ ٱلْمُنذَرِينَ

मतलब

और हमने उनपर ज़ोरदार बारिश[28] बरसाई। तो उन लोगों की बारिश बहुत बुरी थी, जिन्हें डराया गया था।

[28] अर्थात पत्थरों की बारिश। (देखिए : सूरत हूद, आयत : 82-83)

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

और हमने उनपर बारिश बरसाने की तरह आकाश से पत्थर बरसाए। तो उन लोगों की बारिश बहुत बुरी थी, जिन्हें लूत अलैहिस्सलाम डराते थे और उन्हें चेतावनी देते थे कि अगर वे अपने बुरे कामों में लगे रहे, तो उन्हें अल्लाह की सज़ा भुगतनी पड़ेगी।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Ash-Shu'araa

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net