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सूरह 26 · आयत 155

Ash-Shu'araa 26:155

الشعراء

قَالَ هَـٰذِهِۦ نَاقَةٌ لَّهَا شِرْبٌ وَلَكُمْ شِرْبُ يَوْمٍ مَّعْلُومٍ

मतलब

उसने कहा : यह एक ऊँटनी[25] है। इसके लिए पानी पीने की एक बारी है और तुम्हारे लिए एक निश्चित दिन पानी पीने की बारी है।

[25] अर्थता यह ऊँटनी चमत्कार है जो उनकी माँग पर पत्थर से निकली थी।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

सालेह अलैहिस्सलाम ने (जिन्हें अल्लाह ने एक निशानी दी थी, जो एक ऊँटनी थी जिसे अल्लाह ने चट्टान से निकाला था) उनसे कहा : यह ऊँटनी है जिसे देखा और छुआ जा सकता है। इसके लिए पानी का एक हिस्सा है, और तुम्हारे लिए भी एक ज्ञात हिस्सा है। यह उस दिन पानी नहीं पिएगी, जिस दिन तुम्हारा हिस्सा है और जिस दिन उसका हिस्सा है, उस दिन तुम पानी नही पिओगे।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Ash-Shu'araa

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net