सीधे कंटेंट पर जाएँ
सूरह 25 · आयत 77

Al-Furqaan 25:77

الفرقان

قُلْ مَا يَعْبَؤُا۟ بِكُمْ رَبِّى لَوْلَا دُعَآؤُكُمْ ۖ فَقَدْ كَذَّبْتُمْ فَسَوْفَ يَكُونُ لِزَامًۢا

मतलब

(ऐ नबी!) कह दें : मेरे पालनहार को तुम्हारी कोई परवाह नहीं, यदि तुम (उसे) न पुकारो।[37] क्योंकि निश्चय ही तुमने झुठलाया है, तो शीघ्र (उसका परिणाम) आ जाएगा।

[37] अर्थात उससे प्रार्थना तथा उसकी इबादत न करो।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

(ऐ रसूल!) आप कुफ़्र पर अड़े रहने वाले काफ़िरों से कह दें : मेरा पालनहार तुम्हारी परवाह नहीं करता कि उसे तुम्हारे आज्ञापालन से कोई लाभ मिलने वाला है। यदि उसके कुछ बंदे ऐसे न होते, जो उसे इबादत के तौर पर और कुछ माँगने के लिए पुकारते रहते हैं, तो वह तुम्हारी कभी परवाह न करता। क्योंकि रसूल तुम्हारे रब की ओर से तुम्हारे पास जो कुछ लाए हैं, उसमें तुमने रसूल को झुठलाया है। अतः उस झुठलाने का दंड तो तुम्हें मिलकर ही रहेगा।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Furqaan

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net