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सूरह 24 · आयत 3

An-Noor 24:3

النور

ٱلزَّانِى لَا يَنكِحُ إِلَّا زَانِيَةً أَوْ مُشْرِكَةً وَٱلزَّانِيَةُ لَا يَنكِحُهَآ إِلَّا زَانٍ أَوْ مُشْرِكٌ ۚ وَحُرِّمَ ذَٰلِكَ عَلَى ٱلْمُؤْمِنِينَ

मतलब

व्यभिचारी नहीं विवाह[4] करेगा, परंतु किसी व्यभिचारिणी अथवा बहुदेववादी स्त्री से, तथा व्यभिचारिणी से नहीं विवाह करेगा, परंतु कोई व्यभिचारी अथवा बहुदेववादी। और यह ईमान वालों पर हराम (निषिद्ध) कर दिया गया है।

[4] आयत का अर्थ यह है कि साधारणतः कुकर्मी विवाह के लिए अपने ही जैसों की ओर आकर्षित होते हैं। अतः व्यभिचारिणी, व्यभिचारी ही से विवाह करने में रूचि रखती है। इसमें ईमानवालों को सतर्क किया गया है कि जिस प्रकार व्यभिचार महा पाप है उसी प्रकार व्यभिचारियों के साथ विवाह संबंध स्थापित करना भी निषिद्ध है। कुछ भाष्यकारों ने यहाँ विवाह का अर्थ व्यभिचार लिया है।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

व्यभिचार के घिनौनेपन को स्पष्ट करने के लि ए, अल्लाह ने यह उल्लेख किया है कि जो व्यक्ति व्यभिचार का आदी है, वह किसी अपनी ही जैसी व्यभिचार में लिप्त स्त्री अथवा बहुदेववादी महिला से, जो व्यभिचार से नहीं बचती, विवाह करना चाहेगा। हालाँकि बहुदेववादी महिला से निकाह करना जायज़ नहीं है। तथा जो महिला व्यभिचार की आदी है, वह अपने ही जैसे व्यभिचारी या बहुदेववादी पुरुष से, जो व्यभिचार से नहीं बचता, विवाह करना चाहेगी। जबकि बहुदेवादी पुरुष से उसका विवाह हराम (निषिद्ध) है। व्यभिचारिणी से विवाह करना और व्यभिचारी का निकाह कराना ईमान वालों के लिए हराम (निषिद्ध) कर दिया गया है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

An-Noor

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net