Al-Anbiyaa 21:44
الأنبياءبَلْ مَتَّعْنَا هَـٰٓؤُلَآءِ وَءَابَآءَهُمْ حَتَّىٰ طَالَ عَلَيْهِمُ ٱلْعُمُرُ ۗ أَفَلَا يَرَوْنَ أَنَّا نَأْتِى ٱلْأَرْضَ نَنقُصُهَا مِنْ أَطْرَافِهَآ ۚ أَفَهُمُ ٱلْغَـٰلِبُونَ
बल्कि हमने इन (काफ़िरों) को और इनके बाप-दादों को जीवन की सुख-सुविधाएँ प्रदान कीं, यहाँ तक कि उनपर लंबा समय बीत गया। तो क्या वे देखते नहीं कि हम धरती को उसके किनारों से कम करते आ रहे हैं? तो क्या वही प्रभावी रहने वाले हैं?[22]
[22] अर्थ यह है कि वे मक्का के काफ़िर सुख-सुविधा मंद रहने के कारण अल्लाह से विमुख हो गए हैं, और सोचते हैं कि उनपर यातना नहीं आएगी और वही विजयी होंगे। जबकि दशा यह है कि उनके अधिकार का क्षेत्र कम होता जा रहा है और इस्लाम बराबर फैलता जा रहा है। फिर भी वे इस भ्रम में हैं कि वे प्रभुत्व प्राप्त कर लेंगे।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
बल्कि हमने इन काफ़िरों और इनके बाप-दादों के लिए, उन्हें ढील देते हुए, दुनिया की नेमतें विस्तारित कर दीं, यहाँ तक कि उनपर लंबा समय बीत गया, तो इससे वे धोखे में पड़ गए, और अपने कुफ़्र पर क़ायम रहे। तो क्या हमारी नेमतों से धोखा खाने वाले और हमारी यातना के लिए जल्दी मचाने वाले ये काफ़िर नहीं देखते कि हम धरती के लोगों को पराजित करके, उसे उसके किनारों से कम करते आ रहे हैं। इसलिए उन्हें इससे सीख ग्रहण करना चाहिए ताकि उनके साथ भी वही न हो, जो दूसरों के साथ हुआ?! चुनाँचे ये लोग विजयी (प्रभावी) रहने वाले नहीं हैं, बल्कि ये पराजित (हारे हुए) हैं।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net