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सूरह 2 · आयत 32

Al-Baqara 2:32

البقرة

قَالُوا۟ سُبْحَـٰنَكَ لَا عِلْمَ لَنَآ إِلَّا مَا عَلَّمْتَنَآ ۖ إِنَّكَ أَنتَ ٱلْعَلِيمُ ٱلْحَكِيمُ

मतलब

उन्होंने कहा : तू पवित्र है। हमें कुछ ज्ञान नहीं परंतु जो तूने हमें सिखाया। निःसंदेह तू ही सब कुछ जानने वाला, पूर्ण हिकमत[16] वाला है।

[16] हिकमत वाला : अर्थात जो भेद तथा रहस्य को जानता हो।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

उन्होंने - अपनी कमी को स्वीकार करते हुए, अल्लाह को श्रेय देते हुए - कहा : ऐ हमारे पालनहार! हम तेरे फ़ैसले और विधान के बारे में तुझपर आपत्ति करने से तुझे पवित्र ठहराते और तेरा महिमामंडन करते हैं। क्योंकि तूने हमें जो ज्ञान दिया है, उसके सिवा हम और कुछ नहीं जानते। निःसंदेह तू सर्वज्ञ है, जिससे कुछ भी छिपा नहीं है, तू पूर्ण हिकमत वाला है, अपनी नियति और अपने विधान में चीजों को उनके उचित स्थान पर रखता है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Baqara

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net