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सूरह 2 · आयत 266

Al-Baqara 2:266

البقرة

أَيَوَدُّ أَحَدُكُمْ أَن تَكُونَ لَهُۥ جَنَّةٌ مِّن نَّخِيلٍ وَأَعْنَابٍ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ لَهُۥ فِيهَا مِن كُلِّ ٱلثَّمَرَٰتِ وَأَصَابَهُ ٱلْكِبَرُ وَلَهُۥ ذُرِّيَّةٌ ضُعَفَآءُ فَأَصَابَهَآ إِعْصَارٌ فِيهِ نَارٌ فَٱحْتَرَقَتْ ۗ كَذَٰلِكَ يُبَيِّنُ ٱللَّهُ لَكُمُ ٱلْـَٔايَـٰتِ لَعَلَّكُمْ تَتَفَكَّرُونَ

मतलब

क्या तुममें से कोई चाहेगा कि उसके पास खजूरों तथा अँगूरों का एक बाग़ हो, जिसके नीचे से नहरें बहती हों, उसमें उसके लिए प्रत्येक प्रकार के कुछ न कुछ फल हों और उसे बुढ़ापा आ जाए और उसके कमज़ोर बच्चे हों, फिर उस (बाग़) पर एक बगूला आ पहुँचे जिसमें एक आग हो, तो वह जल के राख हो जाए।[178] इसी तरह अल्लाह तुम्हारे लिए निशानियाँ उजागर करता है, ताकि तुम सोच-विचार करो।

[178] अर्थात यही दशा प्रलय के दिन काफ़िर की होगी। उसके पास फल पाने के लिए कोई कर्म नहीं होगा। और न कर्म करने का अवसर होगा। तथा जैसे उसके निर्बल बच्चे उसके काम नहीं आ सके, उसी प्रकार उसका दिखावे का दान भी काम नहीं आएगा, वह अपनी आवश्यकता के समय अपने कर्मों के फल से वंचित कर दिया जाएगा। जैसे इस व्यक्ति ने अपने बुढ़ापे तथा बच्चों की निर्बलता के समय अपना बाग़ खो दिया।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

क्या तुममें से किसी को पसंद है कि उसके पास खजूरों और अँगूरों का एक बाग़ हो, जिसके बीच से मीठा पानी बहता हो। उस बाग़ में उसके लिए प्रत्येक प्रकार के अच्छे फल हों। उस बाग़ के मालिक को बुढ़ापा आ पहुँचे और वह इतना बूढ़ा हो गया हो कि काम करने और कमाने में असमर्थ हो, तथा उसके कमज़ोर छोटे-छोटे बच्चे हों, जो काम न कर सकते हों। फिर उस बाग़ पर एक आँधी चले, जिसमें एक तेज़ आग हो और सारा बाग़ जलकर खाक हो जाए। हालाँकि अपने बुढ़ापे और अपने बच्चों की कमज़ोरी के कारण उसे इसकी सख़्त ज़रूरत थी?! अतः लोगों को दिखाने के लिए अपना धन खर्च करने वाले की स्थिति इसी आदमी की तरह है; वह क़ियामत के दिन अल्लाह के पास बिना नेकियों के आएगा, एक ऐसे समय में जब उसे उनकी सबसे अधिक आवश्यकता होगी। इसी प्रकार अल्लाह तुम्हारे लिए वे चीज़ें खोल-खोलकर बयान करती है, जो दुनिया और आख़िरत में तुम्हें लाभ पहुँचाने वाली हैं, ताकि तुम उनपर चिंतन करो।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Baqara

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net