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सूरह 2 · आयत 26

Al-Baqara 2:26

البقرة

إِنَّ ٱللَّهَ لَا يَسْتَحْىِۦٓ أَن يَضْرِبَ مَثَلًا مَّا بَعُوضَةً فَمَا فَوْقَهَا ۚ فَأَمَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ فَيَعْلَمُونَ أَنَّهُ ٱلْحَقُّ مِن رَّبِّهِمْ ۖ وَأَمَّا ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ فَيَقُولُونَ مَاذَآ أَرَادَ ٱللَّهُ بِهَـٰذَا مَثَلًا ۘ يُضِلُّ بِهِۦ كَثِيرًا وَيَهْدِى بِهِۦ كَثِيرًا ۚ وَمَا يُضِلُّ بِهِۦٓ إِلَّا ٱلْفَـٰسِقِينَ

मतलब

निःसंदेह अल्लाह[12] मच्छर अथवा उससे तुच्छ चीज़ की मिसाल देने से नहीं शरमाता। फिर जो ईमान लाए, वे जानते हैं कि यह उनके पालनहार की ओर से सत्य है और रहे वे जिन्होंने कुफ़्र किया, तो वे कहते हैं : अल्लाह ने इसके साथ उदाहरण देकर क्या इरादा किया है? वह इसके साथ बहुतों को गुमराह करता है और इसके साथ बहुतों को हिदायत देता है तथा वह इसके साथ केवल अवज्ञाकारियों को गुमराह करता है।

[12] जब अल्लाह ने मुनाफ़िक़ों के दो उदाहरण दिए, तो उन्होंने कहा कि अल्लाह ऐसे तुच्छ उदाहरण कैसे दे सकता है? इसी पर यह आयत उतरी। (देखिये तफ़्सीर इब्ने कसीर)

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

अल्लाह तआला किसी भी चीज़ के साथ उदाहरण देने से नहीं शरमाता है। चुनाँचे वह मच्छर तथा उससे भी छोटी या उससे भी बड़ी वस्तु के साथ उदाहरण देता है। जबकि इन उदाहरणों के प्रति लोगों के दो प्रकार हैं : मोमिन और काफ़िर। मोमिन लोग उनकी पुष्टि करते हैं और इस बात पर विश्वास रखते हैं कि उनके द्वारा उदाहरण देने के पीछे एक हिकमत है। परंतु काफ़िर लोग मज़ाक़ उड़ाते हुए एक-दूसरे से पूछते हैं कि अल्लाह ने मच्छर, मक्खी एवं मकड़ी जैसी इन तुच्छ प्राणियों के साथ उदाहरण क्यों दिया है? तो अल्लाह की तरफ से उसका उत्तर यह आता है : इन उदाहरणों में लोगों के लिए कई प्रकार के मार्गदर्शन, निर्देश और परीक्षण हैं। उनमें से कुछ को अल्लाह, उनके इन पर विचार करने से मुँह फेरने के कारण, गुमराह कर देता है। और ऐसे लोगों की संख्या बहुत है। तथा उनमें से कुछ का मार्गदर्शन करता है क्योंकि वे उनसे उपदेश ग्रहण करते हैं, और ये भी बहुत हैं। वह केवल उसी को गुमराह करता है, जो गुमराही का हक़दार हो। और वे उसकी आज्ञाकारिता से निकल जाने वाले लोग हैं, जैसे कि मुनाफ़िक़ लोग।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Baqara

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net