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सूरह 2 · आयत 216

Al-Baqara 2:216

البقرة

كُتِبَ عَلَيْكُمُ ٱلْقِتَالُ وَهُوَ كُرْهٌ لَّكُمْ ۖ وَعَسَىٰٓ أَن تَكْرَهُوا۟ شَيْـًٔا وَهُوَ خَيْرٌ لَّكُمْ ۖ وَعَسَىٰٓ أَن تُحِبُّوا۟ شَيْـًٔا وَهُوَ شَرٌّ لَّكُمْ ۗ وَٱللَّهُ يَعْلَمُ وَأَنتُمْ لَا تَعْلَمُونَ

मतलब

(ऐ ईमान वालो!) तुमपर युद्ध करना अनिवार्य कर दिया गया है, हालाँकि वह तुम्हें बिल्कुल नापसंद है। और हो सकता है कि तुम एक चीज़ को नापसंद करो और वह तुम्हारे लिए बेहतर हो और हो सकता कि तुम एक चीज़ को पसंद करो और वह तुम्हारे लिए बुरी हो। और अल्लाह जानता है और तुम नहीं जानते।[135]

[135] आयत का भावार्थ यह है कि युद्ध ऐसी चीज़ नहीं, जो तुम्हें प्रिय हो। परंतु जब ऐसी स्थिति आ जाए कि शत्रु इस लिए आक्रमण और अत्याचार करने लगे कि लोगों ने अपने पूर्वजों की आस्था, परंपरा त्याग कर सत्य को अपना लिया है, जैसा कि इस्लाम के आरंभिक युग में हुआ, तो सत्धर्म की रक्षा के लिए युद्ध करना अनिवार्य हो जाता हो।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

(ऐ मोमिनो!) तुमपर अल्लाह के रास्ते में लड़ाई करना अनिवार्य कर दिया गया है, हालाँकि स्वाभाविक रूप से दिल उसे नापसंद करता है; क्योंकि इसमें जान एवं माल दोनों ख़र्च करना पड़ता है। और शायद तुम किसी चीज़ को नापसंद करो और वह वास्तव में तुम्हारे हक़ में बेहतर और लाभदायक हो; जैसे कि अल्लाह के मार्ग में लड़ाई करना। क्योंकि इसके प्रतिफल की महानता के साथ, इसमें शत्रुओं पर विजय और अल्लाह के धर्म की सर्वोपरि है। तथा शायद तुम किसी चीज़ को पसंद करो और वह चीज़ तुम्हारे लिए बुरी और विपत्ति (संकट) का करण हो; जैसे कि जिहाद से पीछे रहना। क्योंकि इसमें निःसहायता और दुश्मनों का प्रभुत्व है। और अल्लाह अच्छी और बुरी बातों को भली-भाँति जानता है, और तुम उसे नहीं जानते, सो तुम उसकी आज्ञा का पालन करो; क्योंकि इसी में तुम्हारे लिए भलाई है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Baqara

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net