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सूरह 2 · आयत 212

Al-Baqara 2:212

البقرة

زُيِّنَ لِلَّذِينَ كَفَرُوا۟ ٱلْحَيَوٰةُ ٱلدُّنْيَا وَيَسْخَرُونَ مِنَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ۘ وَٱلَّذِينَ ٱتَّقَوْا۟ فَوْقَهُمْ يَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ ۗ وَٱللَّهُ يَرْزُقُ مَن يَشَآءُ بِغَيْرِ حِسَابٍ

मतलब

उन लोगों के लिए जिन्होंने कुफ़्र किया, सांसारिक जीवन आकर्षक बना दिया गया है तथा वे ईमान लाने वालों का मज़ाक़[131] उड़ाते हैं। हालाँकि जो लोग (अल्लाह का) डर रखने वाले हैं, वे क़ियामत के दिन उनसे ऊपर[132] होंगे तथा अल्लाह जिसे चाहता है, असंख्य जीविका प्रदान करता है।

[131] अर्थात उनकी निर्धनता तथा दरिद्रता के कारण।
[132] आयत का भावार्थ यह है कि काफ़िर सांसारिक धनधान्य ही को महत्व देते हैं। जबकि परलोक की सफलता जो सत्धर्म और सत्कर्म पर आधारित है, वही सबसे बड़ी सफलता है।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

अल्लाह का इनकार करने वालों के लिए सांसारिक जीवन और उसमें मौजूद क्षणिक सुखों और समाप्त हो जाने वाली खुशियों को सुंदर बना दिया गया है। तथा वे अल्लाह और अंतिम दिन पर ईमान रखने वालों का मज़ाक़ उड़ाते हैं। जबकि जो लोग अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों को त्याग करके अल्लाह से डरते हैं, वे आख़िरत में इन काफ़िरों से ऊपर होंगे। क्योंकि अल्लाह उन्हें हमेशा रहने वाली जन्नतों में ठहराएगा और अल्लाह अपनी मख़्लूक़ में से जिसे चाहता है, बिना गिनती और गणना के प्रदान करता है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Baqara

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net