Al-Baqara 2:189
البقرةيَسْـَٔلُونَكَ عَنِ ٱلْأَهِلَّةِ ۖ قُلْ هِىَ مَوَٰقِيتُ لِلنَّاسِ وَٱلْحَجِّ ۗ وَلَيْسَ ٱلْبِرُّ بِأَن تَأْتُوا۟ ٱلْبُيُوتَ مِن ظُهُورِهَا وَلَـٰكِنَّ ٱلْبِرَّ مَنِ ٱتَّقَىٰ ۗ وَأْتُوا۟ ٱلْبُيُوتَ مِنْ أَبْوَٰبِهَا ۚ وَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ لَعَلَّكُمْ تُفْلِحُونَ
(ऐ नबी!) लोग आपसे नये चाँदों के बारे में पूछते हैं। आप कह दें, वे लोगों के लिए और हज्ज के लिए समय जानने के माध्यम हैं। और नेकी हरगिज़ यह नहीं कि घरों में उनके पीछे से आओ। बल्कि नेकी उसकी है जो (अल्लाह की अवज्ञा से) बचे। तथा घरों में उनके द्वारों से आओ और अल्लाह से डरो, ताकि तुम सफल हो जाओ।[110]
[110] इस्लाम से पूर्व अरब में यह प्रथा थी कि जब ह़ज्ज का एह़राम बाँध लेते, तो अपने घरों में द्वार से प्रवेश न करके पीछे से प्रवेश करते थे। इस अंधविश्वास के खंडन के लिए यह आयत उतरी कि भलाई इन रीतियों में नहीं बल्कि अल्लाह से डरने और उसके आदेशों के उल्लंघन से बचने में है।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
(ऐ रसूल!) लोग आपसे नये चाँदों के गठन और उनकी स्थितियों में परिवर्तन के बारे में पूछते हैं। आप उन्हें उसकी हिकमत के बारे में उत्तर देते हुए कह दीजिए : वे लोगों के लिए समय के निर्धारण का ज़रिया हैं, जिनके द्वारा वे अपनी इबादतों के समय को जानते हैं; जैसे हज्ज के महीने, रोज़े का महीना और ज़कात अदा करने के लिए साल पूरा होने का ज्ञान। तथा वे लेन-देन में अपना समय जानते हैं; जैसे रक्त धन और क़र्ज़ की अदायगी के समय का निर्धारण। तथा नेकी और अच्छाई यह नहीं है कि तुम ह़ज्ज अथवा उम्रा का एह़राम बाँधने की अवस्था में अपने घरों में उनके पीछे से प्रवेश करो - जैसा कि तुम जाहिलिय्यत (पूर्व-इस्लामिक युग) में गुमान करते थे - बल्कि वास्तविक नेकी उस व्यक्ति की नेकी है, जो परोक्ष और प्रत्यक्ष रूप से अल्लाह से डरे। तथा तुम्हारा घरों में उनके द्वारों से प्रवेश करना तुम्हारे लिए अधिक आसान और कठिनाई से बहुत दूर है। क्योंकि अल्लाह ने तुम्हें किसी ऐसे कार्य का बाध्य नहीं किया है, जिसमें तुम्हारे लिए कष्ट और कठिनाई हो। तथा अपने और अल्लाह के अज़ाब के बीच नेक कार्य को आड़ (बचाव) बना लो; ताकि तुम जो चाहते हो, उसे प्राप्त करने में सफल हो, और जिससे डरते हो उससे बच जाओ।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net