Al-Baqara 2:177
البقرةلَّيْسَ ٱلْبِرَّ أَن تُوَلُّوا۟ وُجُوهَكُمْ قِبَلَ ٱلْمَشْرِقِ وَٱلْمَغْرِبِ وَلَـٰكِنَّ ٱلْبِرَّ مَنْ ءَامَنَ بِٱللَّهِ وَٱلْيَوْمِ ٱلْـَٔاخِرِ وَٱلْمَلَـٰٓئِكَةِ وَٱلْكِتَـٰبِ وَٱلنَّبِيِّـۧنَ وَءَاتَى ٱلْمَالَ عَلَىٰ حُبِّهِۦ ذَوِى ٱلْقُرْبَىٰ وَٱلْيَتَـٰمَىٰ وَٱلْمَسَـٰكِينَ وَٱبْنَ ٱلسَّبِيلِ وَٱلسَّآئِلِينَ وَفِى ٱلرِّقَابِ وَأَقَامَ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتَى ٱلزَّكَوٰةَ وَٱلْمُوفُونَ بِعَهْدِهِمْ إِذَا عَـٰهَدُوا۟ ۖ وَٱلصَّـٰبِرِينَ فِى ٱلْبَأْسَآءِ وَٱلضَّرَّآءِ وَحِينَ ٱلْبَأْسِ ۗ أُو۟لَـٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ صَدَقُوا۟ ۖ وَأُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلْمُتَّقُونَ
नेकी केवल यही नहीं कि तुम अपने मुँह पूर्व और पश्चिम की ओर फेर लो! बल्कि असल नेकी तो उसकी है, जो अल्लाह और अंतिम दिन (आख़िरत) और फ़रिश्तों और पुस्तकों और नबियों पर ईमान लाए, और धन दे उसके मोह के बावजूद रिशतेदारों और अनाथों और निर्धनों और यात्री तथा माँगने वालों को और गर्दनें छुड़ाने में, और नमाज़ क़ायम करे और ज़कात दे, और जो अपनी प्रतिज्ञा पूरी करने वाले हैं जब प्रतिज्ञा करें, और जो तंगी और कष्ट में और लड़ाई के समय धैर्य रखने वाले हैं। यही लोग हैं जो सच्चे सिद्ध हुए तथा यही (अल्लाह से) डरने वाले हैं।[94]
[94] इस आयत का भावार्थ यह है कि नमाज़ में क़िब्ले की ओर मुख करना अनिवार्य है, फिर भी सत्धर्म इतना ही नहीं कि धर्म की किसी एक बात को अपना लिया जाए। सत्धर्म तो सत्य आस्था, सत्कर्म और पूरे जीवन को अल्लाह की आज्ञा के अधीन कर देने का नाम है।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
अल्लाह के निकट पसंदीदा नेकी केवल पूर्व या पश्चिम की ओर मुँह कर लेना और उसके बारे में मतभेद करना नहीं है। बल्कि सारी की सारी अच्छाई उस व्यक्ति में है, जो अल्लाह पर उसे एकमात्र पूज्य मानते हुए ईमान लाए, तथा क़ियामत के दिन पर और सभी फ़रिश्तों पर, और सभी अवतरित की गई किताबों पर और सभी नबियों पर बिना किसी भेदभाव के ईमान लाए, तथा धन खर्च करे उसके मोह और लोभ के बावजूद अपने रिश्तेदारों पर, तथा व्यस्क होने से पहले अपने पिता को खो देने वाले पर, ज़रूरतमंदों, अपने परिवार और स्वदेश से कट जाने वाले परदेशी और उन लोगों पर जिन्हें किसी आवश्यकता के कारण लोगों से माँगना पड़ जाता है। तथा गुलामी और क़ैद से गर्दनों को छुड़ाने में पैसा खर्च करे। तथा अल्लाह की आज्ञा के अनुसार पूरी तरह से नमाज़ अदा करे, और अनिवार्य ज़कात का भुगतान करे। इसी तरह वे लोग, जो यदि वचन देते हैं तो अपने वचन को पूरा करते हैं, और जो लोग ग़रीबी और कठिनाई पर तथा बीमारी पर और भीषण युद्ध के समय धैर्य से काम लेते हैं, चुनाँचे वे भागते नहीं हैं। जो लोग इन विशेषताओं से सुसज्जित हैं, वही लोग हैं जो अपने ईमान और कर्मों में अल्लाह के प्रति सच्चे हैं, और वही परहेज़गार लोग हैं, जिन्होंने अल्लाह के आदेशों का पालन किया और उसकी मना की हुई चीज़ों से परहेज़ किया।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net