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सूरह 2 · आयत 17

Al-Baqara 2:17

البقرة

مَثَلُهُمْ كَمَثَلِ ٱلَّذِى ٱسْتَوْقَدَ نَارًا فَلَمَّآ أَضَآءَتْ مَا حَوْلَهُۥ ذَهَبَ ٱللَّهُ بِنُورِهِمْ وَتَرَكَهُمْ فِى ظُلُمَـٰتٍ لَّا يُبْصِرُونَ

मतलब

उनका[7] उदाहरण उस व्यक्ति के उदाहरण जैसा है, जिसने एक आग भड़काई, फिर जब उसने उसके आस-पास की चीज़ों को प्रकाशित कर दिया, तो अल्लाह ने उनका प्रकाश छीन लिया और उन्हें कई तरह के अँधेरों में छोड़ दिया कि वे नहीं देखते।

[7] यह उदाहरण उनका है जो संदेह तथा दुविधा में पड़े रह गए। कुछ सत्य को उन्हों ने स्वीकार भी किया, फिर भी अविश्वास के अँधेरों ही में रह गए।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

अल्लाह तआला ने इन मुनाफ़िक़ों (पाखंडियों) के दो उदाहरण पेश किए हैं : एक आग का उदाहरण, और दूसरा पानी का उदाहरण। उनका आग का उदाहरण यह है कि : वे (मुनाफ़िक़) उस आदमी की तरह हैं, जिसने रोशनी प्राप्त करने के लिए आग जलाई। जब उसकी रोशनी चमकी और उसने सोचा कि अब उससे लाभान्वित होगा, तो वह बुझ गई। चुनाँचे उसमें जो चमकने वाला तत्व था, वह समाप्त हो गया तथा जो कुछ उसमें जलाने का तत्व था, वह रह गया। इसलिए वे आग जलाने वाले अंधकार में पड़े रह गए। उन्हें कुछ दिखाई नहीं देता और न वे कोई रास्ता ही पाते हैं।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Baqara

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net