Al-Baqara 2:145
البقرةوَلَئِنْ أَتَيْتَ ٱلَّذِينَ أُوتُوا۟ ٱلْكِتَـٰبَ بِكُلِّ ءَايَةٍ مَّا تَبِعُوا۟ قِبْلَتَكَ ۚ وَمَآ أَنتَ بِتَابِعٍ قِبْلَتَهُمْ ۚ وَمَا بَعْضُهُم بِتَابِعٍ قِبْلَةَ بَعْضٍ ۚ وَلَئِنِ ٱتَّبَعْتَ أَهْوَآءَهُم مِّنۢ بَعْدِ مَا جَآءَكَ مِنَ ٱلْعِلْمِ ۙ إِنَّكَ إِذًا لَّمِنَ ٱلظَّـٰلِمِينَ
और निश्चय यदि आप उन लोगों के पास जिन्हें किताब दी गई है, हर निशानी भी ले आएँ, वे आपके क़िबले का अनुसरण नहीं करेंगे और न आप उनके क़िबले का अनुसरण करने वाले हैं। और न उनमें से कोई दूसरे के क़िबले का अनुसरण करने वाला है। और निश्चय यदि आपने उनकी इच्छाओं का पालन किया, उस ज्ञान के बाद जो आपके पास आया है, तो निःसंदेह उस समय आप अवश्य अत्याचारियों में से हो जाएँगे।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
अल्लाह की क़सम! (ऐ नबी!) यदि आप उन यहूदियों और ईसाइयों के पास जिन्हें किताब दी गई थी, इस बात पर हर प्रकार की निशानी और प्रमाण ले आएँ कि क़िबला का बदलना सत्य है; तब भी वे आपके क़िबले की ओर रुख नहीं करेंगे, उसके प्रति हठ करके जो आप लेकर आए हैं तथा सत्य का पालन करने से अहंकार करते हुए। तथा आप उनके क़िबले की ओर मुख करने वाले नहीं हैं जबकि अल्लाह ने आपको उससे फेर दिया है। तथा वे स्वयं परस्पर एक-दूसरे के क़िबले की ओर रुख़ करने वाले नहीं हैं; क्योंकि उनमें से प्रत्येक दूसरे समूह को काफ़िर कहता है। यदि आपने क़िबला तथा अन्य नियमों और विधानों के बारे में इन लोगों की इच्छाओं का पालन किया, इसके बाद कि आपके पास सही ज्ञान आ चुका है, जिसमें कोई संदेह नहीं; तो निश्चय आप उस समय हिदायत को छोड़ने तथा इच्छा का अनुसरण करने के कारण, अत्याचारियों में से हो जाएँगे। यहाँ नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को संबोधित करने का मक़सद अह्ले किताब का पालन करने की बुराई (कुरूपता) को दर्शाना है। अन्यथा, अल्लाह ने अपने नबी को उससे सुरक्षित रखा है। इसलिए यह आपके बाद आपकी उम्मत के लिए एक चेतावनी है।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net