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सूरह 2 · आयत 125

Al-Baqara 2:125

البقرة

وَإِذْ جَعَلْنَا ٱلْبَيْتَ مَثَابَةً لِّلنَّاسِ وَأَمْنًا وَٱتَّخِذُوا۟ مِن مَّقَامِ إِبْرَٰهِـۧمَ مُصَلًّى ۖ وَعَهِدْنَآ إِلَىٰٓ إِبْرَٰهِـۧمَ وَإِسْمَـٰعِيلَ أَن طَهِّرَا بَيْتِىَ لِلطَّآئِفِينَ وَٱلْعَـٰكِفِينَ وَٱلرُّكَّعِ ٱلسُّجُودِ

मतलब

और (उस समय को याद करो) जब हमने इस घर (काबा) को लोगों के लिए लौट कर आने की जगह तथा सर्वथा शांति बनाया, तथा (आदेश दिया) तुम 'मक़ामे इबराहीम' (इबराहीम के खड़े होने की जगह) को नमाज़ का स्थान[63] बनाओ। तथा हमने इबराहीम और इसमाईल को ताकीदी हुक्म दिया कि तुम दोनों मेरे घर को तवाफ़ (परिक्रमा) करने वालों तथा एतिकाफ़[64] करने वालों और रुकू' एवं सजदा करने वालों के लिए पवित्र (साफ़) रखो।

[63] "मक़ामे इबराहीम" से तात्पर्य वह पत्थर है, जिसपर खड़े होकर उन्होंने काबा का निर्माण किया। जिसपर उनके पदचिह्न आज भी सुरक्षित हैं। तथा तवाफ़ के पश्चात् वहाँ दो रकअत नमाज़ पढ़नी सुन्नत है।
[64] "एतिकाफ़" का अर्थ किसी मस्जिद में एकांत में होकर अल्लाह की इबादत करना है।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

तथा उस समय को याद करो, जब अल्लाह ने सम्मानित घर काबा को लोगों के लिए बार-बार लौट कर आने की जगह बनाई, जिससे उनका दिल जुड़ा हुआ रहता है। जब भी वे वहाँ से वापस जाते हैं, दोबारा उसकी ओर लौटकर आते हैं। तथा उसे उनके लिए सर्वथा शांति का स्थल (सुरक्षित स्थान) बना दिया, जिसमें उनपर कोई अत्याचार नहीं किया जाता। और लोगों से कहा : उस पत्थर को - जिसपर खड़े होकर इबराहीम अलैहिस्सलाम काबा का निर्माण करते थे - नमाज़ की जगह बना लो। तथा हमने इबराहीम और उनके पुत्र इसमाईल अलैहिमस्सलाम को आदेश दिया कि वे काबा को गंदगियों और मूर्तियों से शुद्ध करें, तथा उसे तवाफ़, एतिकाफ़ और नमाज़ आदि के द्वारा इबादत करने वालों के लिए तैयार रखें।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Baqara

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net