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सूरह 2 · आयत 118

Al-Baqara 2:118

البقرة

وَقَالَ ٱلَّذِينَ لَا يَعْلَمُونَ لَوْلَا يُكَلِّمُنَا ٱللَّهُ أَوْ تَأْتِينَآ ءَايَةٌ ۗ كَذَٰلِكَ قَالَ ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِهِم مِّثْلَ قَوْلِهِمْ ۘ تَشَـٰبَهَتْ قُلُوبُهُمْ ۗ قَدْ بَيَّنَّا ٱلْـَٔايَـٰتِ لِقَوْمٍ يُوقِنُونَ

मतलब

तथा उन लोगों ने कहा जो ज्ञान[60] नहीं रखते : अल्लाह हमसे बात क्यों नहीं करता? या हमारे पास कोई निशानी क्यों नहीं आती? इसी प्रकार उन लोगों ने जो इनसे पूर्व थे, इनकी बात जैसी बात कही। इनके दिल एक-दूसरे जैसे हो गए हैं। निःसंदेह हमने उन लोगों के लिए निशानियाँ खोलकर बयान कर दी हैं, जो विश्वास करते हैं।

[60] अर्थात अरब के मिश्रणवादियों ने।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

अह्ले किताब और बहुदेववादियों में से जो नहीं जानते, उन्होंने सत्य के प्रति हठ के कारण कहा : अल्लाह हमसे बिना किसी मध्यस्थ के बात क्यों नहीं करता, या हमारे पास हमारे ही लिए विशिष्ट कोई भौतिक निशानी क्यों नहीं आती? इन लोगों की इसी बात की तरह, इससे पहले झुठलाने वाले समुदायों ने भी अपने रसूलों से कही थी, भले ही उनके समय और स्थान अलग-अलग हों। इन लोगों के दिल कुफ़्र, हठ और अहंकार में उन लोगों के दिलों के समान हैं जो इनसे पहले थे। हमने उन लोगों के लिए आयतें स्पष्ट कर दी हैं, जो सत्य पर विश्वास करते हैं, जब वह उनके सामने प्रकट होता है, न तो उन्हें कोई संदेह घेरता है और न ही हठ उन्हें रोकता है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Baqara

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net