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सूरह 2 · आयत 112

Al-Baqara 2:112

البقرة

بَلَىٰ مَنْ أَسْلَمَ وَجْهَهُۥ لِلَّهِ وَهُوَ مُحْسِنٌ فَلَهُۥٓ أَجْرُهُۥ عِندَ رَبِّهِۦ وَلَا خَوْفٌ عَلَيْهِمْ وَلَا هُمْ يَحْزَنُونَ

मतलब

क्यों नहीं,[54] जिसने अपना चेहरा अल्लाह के अधीन कर दिया और वह अच्छा कार्या करने वाला हो, तो उसके लिए उसका बदला उसके पालनहार के पास है और न उनपर कोई भय है और न वे शोकाकुल होंगे।

[54] स्वर्ग में प्रवेश का साधारण नियम अर्थात मुक्ति एकेश्वरवाद तथा सत्कर्म पर आधारित है, किसी जाति अथवा गिरोह पर नहीं।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

केवल वही व्यक्ति जन्नत में प्रवेश करेगा, जो निष्ठा के साथ अपने आप को अल्लाह के अधीन कर दे, तथा वह - अपनी निष्ठा के साथ-साथ - रसूल के लाए हुए तरीक़े का अनुसरण करके अच्छी तरह से इबादत करने वाला है। चुनाँचे ऐसा ही व्यक्ति जन्नत में प्रवेश करेगा, चाहे वह किसी भी संप्रदाय से हो। तथा उसके लिए उसका बदला उसके पालनहार के पास है। आख़िरत में उन्हें न कोई भय होगा और न ही वे दुनिया में न मिलने वाली वस्तुओं पर दुखी होंगे। ज्ञात हो कि ये ऐसी विशेषताएँ हैं, जो नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के आने के बाद, केवल मोमिनों ही में पाई जा सकती हैं।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Baqara

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net