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सूरह 2 · आयत 104

Al-Baqara 2:104

البقرة

يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لَا تَقُولُوا۟ رَٰعِنَا وَقُولُوا۟ ٱنظُرْنَا وَٱسْمَعُوا۟ ۗ وَلِلْكَـٰفِرِينَ عَذَابٌ أَلِيمٌ

मतलब

ऐ ईमान वालो! तुम 'राइना'[51] (हमारा ध्यान रखिए) न कहो, और 'उन्ज़ुरना' (हमारी ओर देखिए) कहो और सुनो तथा काफ़िरों के लिए दुखदायी यातना है।

[51] इब्ने अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हुमा कहते हैं कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सभा में यहूदी भी आ जाते थे। और मुसलमानों को आपसे कोई बात समझनी होती तो "राइना" कहते, अर्थात हम पर ध्यान दीजिए, या हमारी बात सुनिए। इब्रानी भाषा में इसका बुरा अर्थ भी निकलता था, जिससे यहूदी प्रसन्न होते थे। इसलिए मुसलमानों को आदेश दिया गया कि इसके स्थान पर तुम "उन्ज़ुरना" कहा करो। अर्थात हमारी ओर देखिए। (तफ़्सीर क़ुर्तुबी)

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

अल्लाह तआला मोमिनों को शब्दों के सही चुनाव के लिए निर्देशित करते हुए कहता है : ऐ ईमान वालो! तुम {रा-इना} (अर्थात् हमारा ध्यान रखिए) शब्द का प्रयोग न करो; क्योंकि यहूदी इसे विकृत कर देते हैं और इसके साथ नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को संबोधित करते हैं, जिससे वे एक ग़लत अर्थ 'रुऊनत' (तुच्छता) मुराद लेते हैं। इसलिए अल्लाह ने इस दरवाज़े को बंद करने के लिए इस शब्द के इस्तेमाल से मना कर दिया और अपने बंदों को आदेश दिया कि उसके स्थान पर {उन्ज़ुरना} कहें; अर्थात् हमारी प्रतीक्षा करें, ताकि हम आपकी बात समझ जाएँ। क्योंकि इस शब्द से बिना किसी ख़राबी के अर्थ पूरा हो जाता है। तथा अल्लाह का इनकार करने वालों के लिए कष्टदायी यातना है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Baqara

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net