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सूरह 18 · आयत 27

Al-Kahf 18:27

الكهف

وَٱتْلُ مَآ أُوحِىَ إِلَيْكَ مِن كِتَابِ رَبِّكَ ۖ لَا مُبَدِّلَ لِكَلِمَـٰتِهِۦ وَلَن تَجِدَ مِن دُونِهِۦ مُلْتَحَدًا

मतलब

और आपके पालनहार की किताब में से आपकी ओर जो वह़्य की गई है, उसे पढ़ते रहें। उसकी बातों को कोई बदलने वाला नहीं है। और आप उसके सिवा कोई शरण लेने की जगह हरगिज़ नहीं पाएँगे।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

और क़ुरआन में से जो कुछ अल्लाह ने आपकी ओर वह़्य की है (ऐ रसूल) आप उसे पढ़ें और उसपर अमल करें। क्योंकि उसकी बातों को कोई बदलने वाला नहीं; इसलिए वे सर्वथा सत्य और सर्वथा न्याय हैं। और आप उस महिमावान् अल्लाह के सिवा हरगिज़ कोई शरण स्थल और पनाह लेने की जगह नहीं पाएँगे, जहाँ आप शरण ले सकें।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Al-Kahf

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net