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सूरह 16 · आयत 77

An-Nahl 16:77

النحل

وَلِلَّهِ غَيْبُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۚ وَمَآ أَمْرُ ٱلسَّاعَةِ إِلَّا كَلَمْحِ ٱلْبَصَرِ أَوْ هُوَ أَقْرَبُ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَىْءٍ قَدِيرٌ

मतलब

और अल्लाह ही के पास आकाशों तथा धरती की छिपी[32] बातों का ज्ञान है। और क़ियामत का मामला तो बस पलक झपकने जैसा[33] है या उससे भी अधिक निकट है। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है।

[32] अर्थात गुप्त तथ्यों का।
[33] अर्थात पल भर में आएगी

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

आकाशों और धरती की छिपी बातों का ज्ञान केवल अल्लाह के पास है। उसका ज्ञान उसी के साथ विशिष्ट है, उसकी किसी सृष्टि को इसका ज्ञान नहीं है। और क़ियामत का मामला, जो उसके साथ विशिष्ट ग़ैब (परोक्ष) की बातों में से है, उसके आने की गति में जब वह उसका इरादा करे, तो वह एक आँख की पलक को बंद करने और खोलने की तरह है, बल्कि वह इससे भी अधिक निकट है। निःसंदेह अल्लाह हर चीज़ पर सर्वशक्तिमान है। उसे कोई चीज़ विवश नहीं कर सकती। जब वह किसी चीज़ का इरादा करता है, तो उससे कहता है : (हो जा), तो वह हो जाती है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

An-Nahl

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net