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सूरह 14 · आयत 46

Ibrahim 14:46

ابراهيم

وَقَدْ مَكَرُوا۟ مَكْرَهُمْ وَعِندَ ٱللَّهِ مَكْرُهُمْ وَإِن كَانَ مَكْرُهُمْ لِتَزُولَ مِنْهُ ٱلْجِبَالُ

मतलब

और निःसंदेह उन्होंने अपना उपाय किया। और अल्लाह ही के पास[18] उनका उपाय है। और उनका उपाय हरगिज़ ऐसा न था कि उससे पर्वत टल जाएँ।

[18] अर्थात अल्लाह उसको निष्फल करना जानता है।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

अत्याचारी संप्रदायों के रहने के स्थानों में उतरने वाले इन लोगों ने अल्लाह के नबी मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की हत्या करने और आपके आमंत्रण (मिशन) को समाप्त करने की साज़िश रची। हालाँकि अल्लाह उनके उपाय से अवगत है, उससे कोई बात छिपी नहीं है। तथा इन लोगों का उपाय बहुत कमज़ोर है। चुनाँचे वह कमज़ोर होने के कारण पर्वत को या उसके अलावा किसी चीज़ को उसके स्थान से नहीं टाल सकता। जबकि उनके साथ अल्लाह के उपाय का मामला इसके विपरीत है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Ibrahim

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net