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सूरह 11 · आयत 28

Hud 11:28

هود

قَالَ يَـٰقَوْمِ أَرَءَيْتُمْ إِن كُنتُ عَلَىٰ بَيِّنَةٍ مِّن رَّبِّى وَءَاتَىٰنِى رَحْمَةً مِّنْ عِندِهِۦ فَعُمِّيَتْ عَلَيْكُمْ أَنُلْزِمُكُمُوهَا وَأَنتُمْ لَهَا كَـٰرِهُونَ

मतलब

नूह़ ने कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! क्या तुमने इस बात पर विचार किया कि यदि मैं अपने पालनहार की ओर से एक स्पष्ट प्रमाण पर हूँ और उसने मुझे अपने पास से दया[8] प्रदान की हो, फिर वह तुम्हें सुझाई न दे, तो क्या हम तुम्हें उसको मानने पर मजबूर[9] कर सकते हैं, जबकि तुम उसे नापसंद करते हो?

[8] अर्थात नुबुव्वत और मार्गदर्शन।
[9] अर्थात मैं बलपूर्वक तुम्हें सत्य नहीं मनवा सकता।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

नूह अलैहिस्सलाम ने उनसे कहा : ऐ मेरी जाती के लोगो! मुझे बताओ कि यदि मैं अपने पालनहार की ओर से एक प्रमाण पर हूँ, जो मेरे सच्चे नबी होने की गवाही देता हो और तुमपर मुझे सच्चा मानना (मुझ पर विश्वास करना) अनिवार्य करता हो, तथा उसने मुझे अपनी ओर से दया अर्थात नुबुव्वत एवं रिसालत प्रदान की हो, लेकिन उसके बारे में तुम्हारी अज्ञानता के कारण वह तुम्हें दिखाई न दी, तो क्या हम तुम्हें उसपर ईमान लाने के लिए विवश कर सकते हैं और ज़बरदस्ती उसे तुम्हारे ह्रदय में डाल सकते हैं?! हम ऐसा नहीं कर सकते। क्योंकि जो ईमान की तौफीक देता है, वह केवल अल्लाह है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Hud

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net