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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 954

नंबर 954किताब 9, नंबर 148
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرِو بْنِ حَزْمٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي الْبَدَّاحِ بْنِ عَدِيٍّ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم أَرْخَصَ لِلرِّعَاءِ أَنْ يَرْمُوا يَوْمًا وَيَدَعُوا يَوْمًا ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَكَذَا رَوَى ابْنُ عُيَيْنَةَ ‏.‏ وَرَوَى مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي الْبَدَّاحِ بْنِ عَاصِمِ بْنِ عَدِيٍّ عَنْ أَبِيهِ ‏.‏ وَرِوَايَةُ مَالِكٍ أَصَحُّ ‏.‏ وَقَدْ رَخَّصَ قَوْمٌ مِنْ أَهْلِ الْعِلْمِ لِلرِّعَاءِ أَنْ يَرْمُوا يَوْمًا وَيَدَعُوا يَوْمًا وَهُوَ قَوْلُ الشَّافِعِيِّ ‏.‏
Abi Al-Baddah bin Adi narrated from his father:"The Prophet permitted the shepherds to stone a day and leave a day
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।