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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 944

नंबर 944किताब 9, नंबर 137
حَدَّثَنَا أَبُو عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ مَنْ حَجَّ الْبَيْتَ فَلْيَكُنْ آخِرُ عَهْدِهِ بِالْبَيْتِ إِلاَّ الْحُيَّضَ وَرَخَّصَ لَهُنَّ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ عُمَرَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ ‏.‏
Ibn Umar said:"Whoever performs Hajj to the House, then let the last of their acts be at the House, except for menstruating women. The Messenger of Allah gave them permission (to leave)." (Sahih Mawquf)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।