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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 938

नंबर 938किताब 9, नंबर 131
حَدَّثَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ مُحَمَّدٍ الدُّورِيُّ، حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، هُوَ السَّلُولِيُّ الْكُوفِيُّ عَنْ إِسْرَائِيلَ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنِ الْبَرَاءِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم اعْتَمَرَ فِي ذِي الْقَعْدَةِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏
Al-Bara narrated:"The Prophet performed Umrah during Dhul-Qa'dah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book on Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।